सीजी भास्कर, बीरगांव 01 नवंबर। बीरगांव नगर निगम के 40 वार्डों में गर्मी के दौरान जलसंकट (Birgaon Water Management Fund Misuse) की समस्या बनी रहती है। इसके बावजूद जल प्रबंधन के लिए आवंटित 7.18 करोड़ रुपये दूसरी योजनाओं में खर्च किए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि इस राशि का इस्तेमाल सफाई कार्यों में किया गया और सफाई ठेकेदारों को भुगतान भी किया गया।
ऑडिट टीम ने जांच के दौरान फंड के इस इस्तेमाल पर आपत्ति जताई है। इसके बाद नगरीय प्रशासन एवं विकास संचालनालय ने निगम से खर्च और परियोजनाओं से जुड़े दस्तावेज मांगे हैं। जल प्रबंधन के लिए आवंटित राशि में मिलियन प्लस शहरों के लिए 3.30 करोड़ रुपये और नॉन-मिलियन प्लस शहरों के लिए 3.88 करोड़ रुपये शामिल थे। ऑडिट में सामने आया कि निर्धारित अवधि में इस राशि का उपयोग जल प्रबंधन के कार्यों में नहीं किया गया।
ऑडिट रिपोर्ट में फंड डायवर्जन
ऑडिट टीम के मुताबिक, वर्ष 2020-21 से 2022-23 तक मिलियन प्लस शहरों के जल प्रबंधन के लिए मिले अनुदान की 50 प्रतिशत राशि का उपयोग नहीं हुआ। वहीं, वर्ष 2021-22 से 2022-23 तक नॉन-मिलियन प्लस शहरों के लिए मिली राशि का 100 प्रतिशत हिस्सा जल प्रबंधन पर खर्च नहीं किया गया। इसके बजाय रकम सफाई कार्यों में लगा दी गई।
भारतीय लेखा परीक्षा विभाग ने भी इस मामले में निगम से हिसाब मांगा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि जिस उद्देश्य के लिए अनुदान जारी किया गया है, राशि उसी काम पर खर्च होनी चाहिए। योजना की रकम दूसरी मद में इस्तेमाल करने के लिए संबंधित अनुमति लेना और इसकी जानकारी देना जरूरी है।
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40 वार्डों में जलसंकट बरकरार
बीरगांव के अछोली, सरोरा, भनपुरी और सिलतरा सहित कई इलाकों में पानी की समस्या बनी रहती है। कुछ क्षेत्रों में 400 फीट तक बोरिंग कराने के बाद भी पानी नहीं निकलता। गर्मी के दिनों में टैंकरों से पानी की आपूर्ति बढ़ानी पड़ती है।
अमृत मिशन योजना के तहत शुक्रवारी बाजार में नई पानी टंकी भी बनाई गई है, लेकिन पाइपलाइन नहीं बिछने के कारण इसका पानी घरों तक नहीं पहुंच पा रहा है। ऐसे में जल प्रबंधन के लिए मिली राशि (Birgaon Water Management Fund Misuse) को दूसरे कामों में खर्च किए जाने पर सवाल उठ रहे हैं।
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निगम से मांगे गए दस्तावेज
15वें वित्त आयोग के अनुदान में जल प्रबंधन और स्वच्छता के लिए अलग-अलग मद निर्धारित हैं। इनके आवंटन और खर्च की शर्तें भी अलग हैं। ऐसे में जल प्रबंधन की राशि को स्वच्छता कार्यों में खर्च करने पर आपत्ति दर्ज की गई है। नगरीय प्रशासन एवं विकास संचालनालय ने निगम से परियोजनाओं की मंजूरी, वर्क ऑर्डर, खर्च का ब्योरा और केंद्र सरकार से मिली अनुमति से संबंधित दस्तावेज मांगे हैं। फिलहाल मामले में आगे की कार्रवाई तय नहीं हुई है।
महापौर ने क्या कहा
बीरगांव नगर निगम के महापौर नंदलाल देवांगन ने कहा कि फंड डायवर्जन की जानकारी उन्हें निगम अधिकारियों ने नहीं दी थी। ऑडिट टीम लगातार कामकाज की जांच कर रही है और अधिकारियों को दर्ज आपत्तियों से जुड़े दस्तावेज व जानकारी उपलब्ध करानी होगी। वहीं, निगम आयुक्त युगल किशोर से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनकी ओर से जवाब नहीं मिला।
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