सीजी भास्कर, अंबिकापुर 01 नवंबर 2026। सोशल मीडिया पर दिखने वाला हर विज्ञापन भरोसेमंद नहीं होता। अंबिकापुर में एक कारोबारी को इंस्टाग्राम पर अल्ट्राटेक सीमेंट (UltraTech Cement Fraud) का विज्ञापन देखकर खरीदारी करना महंगा पड़ गया। विज्ञापन पर क्लिक करते ही कुछ देर बाद खुद को कंपनी का सेल्स मैनेजर बताने वाले व्यक्ति का फोन आ गया। बातचीत में कारोबारी को भरोसे में लेकर 1400 बोरी सीमेंट का ऑर्डर लिया गया और भुगतान के नाम पर 4 लाख 13 हजार रुपये एक बैंक खाते में जमा करा लिए गए। रकम पहुंचने के बाद न सीमेंट मिला और न ही कथित सेल्स मैनेजर ने फोन उठाया। पीड़ित की शिकायत पर कोतवाली पुलिस ने अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
विज्ञापन से शुरू हुआ पूरा खेल
कोतवाली पुलिस के मुताबिक, रिंग रोड प्रतापपुर नाका निवासी सुभय पाण्डेय सूरजपुर जिले के प्रतापपुर में फ्लाई ऐश ब्रिक्स निर्माण का व्यवसाय करते हैं। वे अपनी फर्म मां श्यामा ट्रेडर्स के माध्यम से सीमेंट खरीदना चाहते थे। इसी सिलसिले में 2 अक्टूबर 2026 को उन्होंने इंस्टाग्राम पर अल्ट्राटेक सीमेंट कंपनी का विज्ञापन देखा।
विज्ञापन में दिए गए खरीद संबंधी विकल्प पर क्लिक करने के बाद उनके मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से कॉल आया। फोन करने वाले ने अपना नाम कल्पेश सिन्हा बताते हुए खुद को कंपनी का सेल्स मैनेजर बताया। उसने कारोबारी से उनके व्यवसाय और सीमेंट की जरूरत के बारे में जानकारी ली।
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कंपनी के नाम पर भेजा बैंक खाता
बातचीत के बाद कथित सेल्स मैनेजर ने अल्ट्राटेक सीमेंट कंपनी के नाम से बैंक ऑफ बड़ौदा की मुंबई स्थित अंधेरी ईस्ट शाखा का खाता नंबर और आईएफएससी कोड भेजा। खाते का नाम संजीव कुमार बताया गया। आरोपी के बताए अनुसार कारोबारी ने 7 अक्टूबर को 1400 बोरी सीमेंट का ऑर्डर दिया। प्रति बोरी 295 रुपये की दर से कुल रकम 4 लाख 13 हजार रुपये बनी। कारोबारी ने सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के अपने खाते से चेक के जरिए आरटीजीएस के माध्यम से यह रकम ट्रांसफर कर दी।
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न सीमेंट मिला, न फोन उठा
रकम जमा करने के बाद कारोबारी सीमेंट की सप्लाई का इंतजार करते रहे, लेकिन माल नहीं पहुंचा। 7 अक्टूबर से लगातार इंतजार करने के बाद उन्होंने कथित सेल्स मैनेजर के मोबाइल नंबर पर संपर्क करने की कोशिश की। दूसरी तरफ से कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद सुभय पाण्डेय को अपने साथ धोखाधड़ी होने का संदेह हुआ। उन्होंने कोतवाली थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सोशल मीडिया पर खरीदारी में सावधानी जरूरी
यह मामला सोशल मीडिया विज्ञापन के जरिए ठगी के एक तरीके की ओर इशारा करता है। विज्ञापन पर क्लिक करने के बाद फोन कर खुद को कंपनी का प्रतिनिधि बताना, ऑर्डर लेना और बैंक खाते में रकम जमा कराना इस मामले में सामने आया तरीका है। ऑनलाइन खरीदारी करते समय केवल विज्ञापन या फोन पर मिले भरोसे के आधार पर भुगतान नहीं करना चाहिए। कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट या सत्यापित ग्राहक सेवा से विक्रेता और बैंक खाते की पुष्टि करना जरूरी है। किसी भी संदिग्ध खाते में रकम भेजने से पहले उसकी जांच करें।
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