सीजी भास्कर, 3 नवंबर। छत्तीसगढ़ के पथरिया विकासखंड के डांडगांव निवासी सूर्यकांत ने महज 25 डिसमिल जमीन पर वैज्ञानिक तरीके से मत्स्य पालन कर सफलता की नई मिसाल पेश (Fish Farming) की है। 8 से 9 महीने में 9 से 10 टन मछली का उत्पादन कर उन्होंने करीब 4 लाख रुपये का शुद्ध मुनाफा कमाया। उनकी इस प्रेरक कहानी को 15 सितंबर 2026 को डीडी दूरदर्शन दिल्ली के लाइव प्रसारण में दिखाया गया।

सरकारी योजना से मिला कारोबार को बढ़ावा Fish Farming
सूर्यकांत ने प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत 14 लाख रुपये की लागत से पॉन्ड लाइनर तालाब का निर्माण कराया। अनुसूचित जाति वर्ग के हितग्राही होने के कारण उन्हें योजना के अंतर्गत 60 प्रतिशत तक अनुदान मिला।
इसके बाद उन्होंने तालाब में 11 हजार पंगेसियस मछली के बीज डाले। बेहतर उत्पादन के लिए एरेशन सिस्टम, पानी जांच किट, तापमान मापक यंत्र, मछली दवाओं और गुणवत्तापूर्ण फिश फीड का इस्तेमाल किया।
10 टन तक उत्पादन, 9 लाख की आय
वैज्ञानिक तरीके और नियमित देखभाल से सूर्यकांत को 8 से 9 महीने में 9 से 10 टन मछली का उत्पादन (Fish Farming) मिला। बाजार में बिक्री से करीब 9 लाख रुपये की कुल आय हुई। खर्च निकालने के बाद उन्हें लगभग 4 लाख रुपये का शुद्ध लाभ प्राप्त हुआ।
उनकी सफलता की कहानी डीडी छत्तीसगढ़ के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर भी दिखाई गई है।
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गांव के युवाओं को दे रहे मत्स्य पालन का प्रशिक्षण
सूर्यकांत अब अपनी सफलता को दूसरे युवाओं तक पहुंचा रहे हैं। वे ग्रामीण युवाओं को पॉन्ड लाइनर तालाब निर्माण, मछली बीज चयन, पानी की गुणवत्ता जांच, एरेशन सिस्टम संचालन, फीड मैनेजमेंट, रोग नियंत्रण और बाजार में बिक्री की जानकारी दे रहे हैं।
उनका उद्देश्य गांवों में रोजगार के अवसर बढ़ाना और युवाओं का पलायन (Fish Farming) रोकना है। सूर्यकांत का मानना है कि सही प्रशिक्षण, मेहनत और सरकारी योजनाओं के सहयोग से गांव में रहकर भी आत्मनिर्भर बना जा सकता है।
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रिपोर्टर – मनुराज सिंह



