सीजी भास्कर, बिलासपुर, 3 नवंबर 2026। छत्तीसगढ़ के जंगलों में पर्यटन (Chhattisgarh Jungle Safari) के नए रास्ते खुल रहे हैं। चार महीने के मानसूनी विराम के बाद अचानकमार टाइगर रिजर्व (एटीआर) पर्यटकों के लिए फिर से खुल गया है। वहीं, कभी नक्सलियों का प्रभाव क्षेत्र रहे इंद्रावती टाइगर रिजर्व में भी जंगल सफारी शुरू की गई है। अचानकमार में नए केंवची प्रवेश द्वार और सफारी मार्ग की शुरुआत के पहले ही दिन 138 पर्यटक जंगल घूमने पहुंचे।
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अचानकमार में नया गेट
छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस पर शनिवार को पर्यटन सत्र 2026-27 की शुरुआत हुई। इस मौके पर केंवची बफर सफारी प्रवेश द्वार और नए सफारी मार्ग का शुभारंभ किया गया। वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने सफारी वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू और उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने वर्चुअल माध्यम से नए प्रवेश द्वार और सफारी मार्ग का लोकार्पण किया। तखतपुर विधायक धरमजीत सिंह भी कार्यक्रम में मौजूद रहे। इससे पहले शिवतराई में मुख्य वन संरक्षक मनोज पांडेय ने सफारी वाहनों को रवाना कर पर्यटन सत्र की औपचारिक शुरुआत की।
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पहले दिन 138 पर्यटक
नए पर्यटन सत्र के पहले ही दिन पर्यटकों में उत्साह देखने को मिला। कुल 138 सैलानियों ने जंगल सफारी का आनंद लिया। इस दौरान 11 जिप्सियों की बुकिंग हुई, जबकि बैगा रिसॉर्ट के तीन कमरे भी बुक रहे। केंवची गेट शुरू होने से मध्य प्रदेश के अमरकंटक की ओर से आने वाले पर्यटकों को अचानकमार टाइगर रिजर्व (Chhattisgarh Jungle Safari) में प्रवेश का सीधा रास्ता मिलेगा। इससे उनकी यात्रा की दूरी और समय कम होने की उम्मीद है। वन विभाग को इससे अंतरराज्यीय पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ आसपास के वनवासी क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा होने की भी उम्मीद है।
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बाघों के साथ 400 पक्षी
मैकल पर्वतमाला की वादियों में फैला अचानकमार टाइगर रिजर्व समृद्ध जैव विविधता के लिए जाना जाता है। यहां 18 से अधिक बाघों के अलावा तेंदुआ, गौर, भालू और हिरण भी पाए जाते हैं। जंगल में 400 से अधिक पक्षी प्रजातियां इसकी खास पहचान हैं। सफारी के साथ बैगा रिसॉर्ट में ठहरने की सुविधा भी उपलब्ध है। इससे पर्यटक जंगल के बीच समय बिता सकेंगे और यहां की प्राकृतिक सुंदरता को करीब से देख पाएंगे।
सफारी का शुल्क कितना
अचानकमार टाइगर रिजर्व में सफारी और ठहरने के लिए निर्धारित शुल्क इस प्रकार है:
| सुविधा | शुल्क |
|---|---|
| जिप्सी (6 सीटर) | ₹3,500 प्रति राउंड |
| महारानी (8 सीटर) | ₹5,000 प्रति राउंड |
| योद्धा (9 सीटर) | ₹5,500 प्रति राउंड |
| बैगा रिसॉर्ट का एक कमरा | ₹3,500 |
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नक्सलगढ़ में सफारी
बस्तर के इंद्रावती टाइगर रिजर्व (आईटीआर) में जंगल सफारी की शुरुआत भी पर्यटन के लिहाज से अहम मानी जा रही है। कभी नक्सलियों का कोर इलाका रहे इस वन क्षेत्र में लंबे समय तक सुरक्षा चुनौतियों के कारण आम लोगों की पहुंच सीमित रही। अब यहां सफारी शुरू होने से बस्तर के जंगलों को पर्यटन के नए नक्शे पर लाने की कोशिश की जा रही है। वन मंत्री केदार कश्यप ने ऑनलाइन माध्यम से सफारी अभियान का उद्घाटन किया। इस पहल से स्थानीय लोगों के लिए गाइड, वाहन संचालन और अन्य पर्यटन गतिविधियों के जरिए आजीविका के अवसर बढ़ने की संभावना है। हालांकि, वन्यजीव संरक्षण के साथ पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी जरूरी होगा।
पर्यटन से रोजगार की उम्मीद
अचानकमार और इंद्रावती में सफारी की शुरुआत से छत्तीसगढ़ के वन पर्यटन को नई पहचान मिलने की उम्मीद है। एक ओर पर्यटक बाघों और जैव विविधता से रूबरू हो सकेंगे, वहीं दूसरी ओर आसपास के गांवों में पर्यटन आधारित रोजगार के अवसर विकसित हो सकते हैं। वन विभाग के सामने अब इन क्षेत्रों में सुरक्षित और जिम्मेदार पर्यटन व्यवस्था को मजबूत करने की चुनौती होगी।
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