सीजी भास्कर, 22 सितंबर। राजधानी रायपुर रेलवे स्टेशन पर सोमवार को यात्रियों को कुली नहीं मिले। कारण था – स्टेशन परिसर में कुलियों का धरना-प्रदर्शन। कुलियों ने बैटरी वाहनों के परिचालन (Raipur Porters protest) का विरोध करते हुए कहा कि इस कदम से उनका काम पूरी तरह छिन जाएगा और परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल हो जाएगा।
कुलियों का विरोध क्यों?
कुलियों का कहना है कि पहले ही चक्के वाली ट्रॉली, एस्केलेटर, लिफ्ट और रैंप जैसी सुविधाओं के कारण उनका काम लगभग 80 प्रतिशत कम हो चुका है। इसके बावजूद उन्होंने कभी विरोध (Raipur Porters protest) नहीं किया, क्योंकि स्टेशन यात्रियों के लिए सुविधाजनक बनना चाहिए। लेकिन अब बैटरी कारें आने से उनकी आमदनी का आखिरी सहारा भी खत्म हो जाएगा।
किन स्टेशनों पर शुरू होगी बैटरी कार
जानकारी के अनुसार, रायपुर के अलावा भाटापारा, तिल्दा और दुर्ग रेलवे स्टेशनों पर भी बैटरी कार का परिचालन शुरू किया जाना है। कुलियों का कहना है कि यदि यह व्यवस्था लागू हुई तो उनके पास कोई रोजगार (Raipur Porters protest) नहीं बचेगा और पूरे परिवार पर आर्थिक संकट गहराएगा।
कुलियों की मांग
धरना-प्रदर्शन कर रहे कुलियों ने मांग की कि रायपुर, भाटापारा और दुर्ग में बैटरी कार का परिचालन न किया जाए। उन्होंने कहा कि वे चाहते हैं कि स्टेशन पर यात्री सुविधाएं बनी रहें, लेकिन साथ ही लाइसेंसी पोर्टर्स को भी जीविकोपार्जन का अधिकार मिलना चाहिए।
भरण-पोषण की समस्या
प्रदर्शन कर रहे कुलियों का कहना है कि यदि काम पूरी तरह से छिन गया तो उनके समक्ष परिवार चलाने का संकट खड़ा हो जाएगा। उन्होंने रेलवे प्रशासन से अपील की है कि उनके रोजगार की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।



