सीजी भास्कर, 07 मार्च। छत्तीसगढ़ के Kabirdham जिले के शिक्षा विभाग में फर्जी पदोन्नति का मामला सामने (Fake Promotion Education Department) आया है। शिकायत और जांच के बाद दुर्ग संभाग के संभागीय संयुक्त संचालक ने दो कर्मचारियों की पदोन्नति को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है। इस कार्रवाई के बाद विभागीय कामकाज को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं।

जांच में सामने आई नियमों की अनदेखी
मामले में बताया गया है कि वर्ष 2021 में जिला शिक्षा कार्यालय में पदस्थ दो कर्मचारियों – शिव कुमार निर्मलकर और जेपी बर्वे – को पदोन्नति देकर सहायक ग्रेड-1 के पद पर पदस्थ किया गया था। बाद में इस पदोन्नति को लेकर शिकायत की गई, जिसके आधार पर मामले की जांच शुरू की गई।
जांच के दौरान पाया गया कि संबंधित पदोन्नति School Education Department Chhattisgarh के सेवा भर्ती नियमों के अनुरूप नहीं थी। नियमों के विपरीत हुई इस प्रक्रिया को लेकर अधिकारियों ने संबंधित कर्मचारियों से स्पष्टीकरण भी मांगा।
स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाया गया
जांच के दौरान दोनों कर्मचारियों ने अपना जवाब प्रस्तुत (Fake Promotion Education Department) किया, लेकिन अधिकारियों को वह संतोषजनक नहीं लगा। इसके बाद दुर्ग संभाग के संयुक्त संचालक Rupalal Thakur ने आदेश जारी कर दोनों की पदोन्नति निरस्त करने का फैसला लिया।

डीईओ को आगे की कार्रवाई के निर्देश
आदेश में यह भी कहा गया है कि पूरे मामले में आगे की कार्रवाई के लिए जिला शिक्षा अधिकारी को अधिकृत किया गया है। कार्रवाई Chhattisgarh Civil Services (Classification, Control and Appeal) Rules, 1966 के तहत की जाएगी।
पहले भी उठ चुके हैं सवाल
गौरतलब है कि हाल ही में शिक्षा विभाग में करोड़ों रुपये के कथित भ्रष्टाचार को लेकर भी चर्चाएं सामने (Fake Promotion Education Department) आई थीं। ऐसे में अब फर्जी पदोन्नति का मामला सामने आने के बाद विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर फिर बहस शुरू हो गई है। अब निगाह इस बात पर टिकी है कि जिला शिक्षा अधिकारी इस मामले में आगे क्या कदम उठाते हैं और जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है।





