Raipur LPG Black Marketing : राजधानी Raipur में घरेलू एलपीजी सिलेंडरों के दुरुपयोग और कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर Gaurav Singh के निर्देश पर खाद्य विभाग की संयुक्त टीम ने जिले के अलग-अलग इलाकों में जांच अभियान चलाया। इस कार्रवाई के दौरान कई होटल और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में घरेलू गैस सिलेंडरों का उपयोग करते पाए जाने पर बड़ी मात्रा में सिलेंडर जब्त किए गए।
सेजबहार के होटल में घरेलू गैस का व्यावसायिक इस्तेमाल
जांच टीम ने धरसींवा विकासखंड के सेजबहार क्षेत्र में स्थित कमल होटल में छापेमारी की। यहां पर 14.2 किलोग्राम क्षमता वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडरों का इस्तेमाल व्यावसायिक कामों में किया जा रहा था। टीम ने मौके से 8 सिलेंडर जब्त किए और संचालकों को नियमों के बारे में सख्त चेतावनी दी। इसी कार्रवाई के दौरान बाबूलाल चिकन सेंटर में भी घरेलू गैस के दुरुपयोग का मामला सामने आया, जहां से 3 सिलेंडर जब्त किए गए।
अभनपुर-नवापारा इलाके में कालाबाजारी का खुलासा
खाद्य विभाग की जांच जब Abhanpur-नवापारा क्षेत्र तक पहुंची तो यहां भी अनियमितताओं का मामला सामने आया। रवि ग्लास एंड प्लाइवुड नामक प्रतिष्ठान से घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की अवैध बिक्री और भंडारण की शिकायत मिली थी। जांच में 14.2 किलोग्राम के 26 घरेलू सिलेंडर, 19 किलोग्राम क्षमता के 2 व्यावसायिक सिलेंडर और 5 किलोग्राम क्षमता के 4 सिलेंडर जब्त किए गए। इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में एलपीजी के अवैध कारोबार को लेकर हड़कंप मच गया। (
गैस एजेंसी की जांच में सामने आया बड़ा स्टॉक अंतर
इसी अभियान के दौरान टीम ने कोरासी इंडेन ग्रामीण वितरक गैस एजेंसी की भी जांच की। रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक के मिलान में बड़ा अंतर पाया गया। जांच में 14.2 किलोग्राम के 101 भरे और 64 खाली घरेलू सिलेंडर कम पाए गए, वहीं 19 किलोग्राम के 23 खाली व्यावसायिक सिलेंडर भी स्टॉक से कम मिले। इस अनियमितता के चलते एजेंसी परिसर में मौजूद कुल 355 घरेलू और व्यावसायिक सिलेंडरों को जब्त कर एजेंसी की सुपुर्दगी में रखा गया है।
प्रशासन ने दी सख्त चेतावनी
जांच के बाद अधिकारियों ने साफ कहा है कि घरेलू एलपीजी सिलेंडरों का व्यावसायिक उपयोग नियमों के खिलाफ है और ऐसा करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। खाद्य विभाग ने संकेत दिया है कि आने वाले दिनों में जिले में इसी तरह के और भी जांच अभियान चलाए जा सकते हैं, ताकि एलपीजी की कालाबाजारी पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके।





