सीजी भास्कर,10। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत हो रहे निर्माण कार्यों में भ्रष्टाचार का मामला अब गरमा (PMGSY Corruption Bijapur) गया है। पूर्व मंत्री महेश गागड़ा ने विभाग और ठेकेदारों पर तीखा हमला करते हुए कहा है कि जिस योजना की नींव अटल बिहारी वाजपेयी ने ग्रामीण विकास के लिए रखी थी, उसे विभागीय अधिकारी अपनी मिलीभगत से बर्बाद कर रहे हैं। ग्रामीणों की लगातार आ रही शिकायतों और घटिया निर्माण की तस्वीरों के बाद यह मुद्दा अब राजनीतिक गलियारों से लेकर प्रशासन तक पहुँच चुका है। आरोप है कि जिले में बन रही सड़कें और पुलिया इतनी कमजोर हैं कि वे उद्घाटन से पहले ही उखड़ने लगी हैं।
हाथ से उखड़ रही हैं पुलिया, विभाग ने आनन-फानन में तीन को तोड़ा (PMGSY Corruption Bijapur)
बीजापुर के अंदरूनी इलाकों में गुणवत्ताहीन निर्माण का आलम यह है कि कई जगहों पर पुलिया हाथ से छूने मात्र से ही भरभरा कर गिर रही हैं। मीडिया में खबरें आने और पूर्व मंत्री की सख्ती के बाद पीएमजीएसवाय विभाग में हड़कंप मच गया है। विभाग ने अपनी साख बचाने के लिए आनन-फानन में तीन घटिया निर्मित पुलियाओं को तुड़वा दिया है। विभाग के इंजीनियर राजेंद्र सिंह ने स्वीकार किया कि खबरों के बाद कार्रवाई की गई है और संबंधित ठेकेदारों को नोटिस जारी करने की तैयारी चल रही है। हालांकि, विभाग के बड़े अधिकारी इस मामले पर फोन बंद कर बचते नजर आ रहे हैं।
डिप्टी सीएम तक पहुँचा मामला, दोषी अधिकारियों पर होगी सख्त कार्रवाई (PMGSY Corruption Bijapur)
पूर्व मंत्री महेश गागड़ा ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रदेश के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा और विभागीय मंत्री से सीधी चर्चा की है। गागड़ा ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि प्रधानमंत्री के नाम से जुड़ी योजना में किसी भी प्रकार का भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कलेक्टर और विभाग को निर्देश दिए हैं कि सभी सड़कों का निर्माण मानकों के अनुसार ही होना चाहिए। गागड़ा ने भरोसा दिलाया कि केवल पुलिया तोड़ना काफी नहीं है, बल्कि उन अधिकारियों और ठेकेदारों पर भी गाज गिरेगी जिन्होंने जनता के पैसे का दुरुपयोग किया है।
अटल जी के सपनों पर फिर रहा पानी, किसानों में भारी आक्रोश
साल 2000 में शुरू हुई इस योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों की उपज को बाजार तक पहुँचाना और गाँवों को मुख्यधारा से जोड़ना था। लेकिन बीजापुर में विभागीय लापरवाही ने इस सपने पर पानी (PMGSY Corruption Bijapur) फेर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर अभी यह हाल है, तो पहली बारिश में ही ये सड़कें बह जाएंगी। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले में केवल नोटिस तक सीमित रहता है या फिर दोषियों को जेल के सलाखों के पीछे पहुँचाकर एक मिसाल कायम करता है।


