Bilaspur News Live : बिलासपुर शहर में गहराते ट्रैफिक जाम की समस्या को देखते हुए नगर निगम प्रशासन अब एक्शन मोड में आ गया है। शुक्रवार को नगर निगम की टीम ने सरकंडा क्षेत्र में औचक निरीक्षण किया और नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले तीन बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए उनके पार्किंग स्थलों को सील कर दिया। इन प्रतिष्ठानों ने पार्किंग की जगह का कमर्शियल उपयोग कर ग्राहकों को गाड़ियां सड़क पर खड़ी करने के लिए मजबूर कर दिया था।
पार्किंग में कोचिंग और सर्विस सेंटर: जांच में हुए चौंकाने वाले खुलासे
नगर निगम की जांच टीम जब मौके पर पहुंची, तो वहां पार्किंग के निर्धारित स्थान पर वाहनों के बजाय अन्य गतिविधियां संचालित होती मिलीं:
- पहला प्रतिष्ठान: यहां पार्किंग स्थल का उपयोग बाइक सर्विसिंग सेंटर और नए वाहनों के स्टोरेज (गोदाम) के रूप में किया जा रहा था।
- दूसरा प्रतिष्ठान: भवन मालिक ने पार्किंग की जगह को एक कोचिंग संस्थान को किराए पर दे दिया था, जिससे छात्र और स्टाफ सड़क पर वाहन खड़े कर रहे थे।
- तीसरा प्रतिष्ठान: यहां पार्किंग एरिया को पूरी तरह से बंद कर उसे सामान रखने के गोदाम में तब्दील कर दिया गया था।
अवैध ढांचों पर भी चला निगम का डंडा
निरीक्षण के दौरान केवल सीलिंग ही नहीं की गई, बल्कि कई स्थानों पर पार्किंग एरिया में अवैध रूप से बनाए गए लोहे और कंक्रीट के ढांचों (शेड) को भी मौके पर ही ध्वस्त कर दिया गया। नगर निगम के अतिक्रमण दस्ते ने स्पष्ट किया कि नियमों का उल्लंघन कर किए गए किसी भी निर्माण को बख्शा नहीं जाएगा।
आपातकालीन सेवाओं में बाधा बन रहा था अतिक्रमण
नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि व्यावसायिक संस्थानों द्वारा पार्किंग ब्लॉक करने से वाहन मुख्य सड़कों पर खड़े होते हैं। इससे न केवल आम जनता परेशान होती है, बल्कि एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड जैसी आपातकालीन सेवाओं को भी निकलने का रास्ता नहीं मिल पाता।
“नक्शे में पार्किंग दिखाकर अनुमति लेना और बाद में वहां दुकान या गोदाम चलाना कानूनन अपराध है। सरकंडा से शुरू हुई यह कार्रवाई अब शहर के अन्य प्रमुख मार्गों जैसे व्यापार विहार, लिंक रोड और सिविल लाइन में भी चलाई जाएगी।”


