सीजी भास्कर, 24 मई। बिलासपुर में कबाड़ माफिया को थाने के भीतर कथित VIP ट्रीटमेंट दिए जाने का मामला सामने आने के बाद पुलिस प्रशासन सवालों के घेरे में आ गया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही एक तस्वीर में कबाड़ कारोबारी अकबर खान को कोनी थाने के अंदर आराम से बैठकर चाय पीते देखा गया, जिसके बाद लोगों ने पुलिस की कार्रवाई और निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं। (Scrap mafia receives VIP hospitality at police station)
वायरल तस्वीर से बढ़ा विवाद : Scrap mafia receives VIP hospitality at police station
वायरल तस्वीर में आरोपी अकबर खान थाने के भीतर कुर्सी पर बैठा दिखाई दे रहा है, जबकि पुलिसकर्मी उसके आसपास मौजूद हैं। तस्वीर सामने आने के बाद यह चर्चा तेज हो गई कि अवैध कबाड़ कारोबारियों को पुलिस संरक्षण मिल रहा है। आरोप यह भी लगाए जा रहे हैं कि कुछ पुलिसकर्मियों की मिलीभगत से अवैध कारोबार संचालित हो रहा है।
स्थानीय स्तर पर प्रधान आरक्षक बालेश्वर तिवारी और आरक्षक अनुज जांगड़े की भूमिका को लेकर भी सवाल खड़े किए जा रहे हैं। मामले ने सोशल मीडिया और शहर में चर्चाओं का माहौल गर्म कर दिया है।
कार्रवाई पर उठे सवाल
हाल ही में बिलासपुर एसपी ने जिलेभर में अवैध कबाड़ कारोबार के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद कोनी थाना क्षेत्र में संचालित कबाड़ दुकान पर केवल औपचारिक कार्रवाई किए जाने की बात सामने आई है। जानकारी के मुताबिक पुलिस ने आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 170 के तहत कार्रवाई कर खानापूर्ति की।
बताया जा रहा है कि अवतार पैलेस के सामने संचालित विवादित कबाड़ दुकान लंबे समय से चर्चा में थी। इसके बावजूद ठोस कार्रवाई नहीं होने पर पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं।
ASP ने दी सफाई : Scrap mafia receives VIP hospitality at police station
पूरा मामला तूल पकड़ने के बाद एडिशनल एसपी पंकज पटेल ने सफाई दी है। उन्होंने कहा कि आरोपी को किसी प्रकार का VIP ट्रीटमेंट नहीं दिया गया था। उनके अनुसार अकबर खान को दस्तावेजों की जांच के लिए थाने बुलाया गया था।
पुलिस प्रशासन ने यह भी दावा किया है कि संबंधित कबाड़ दुकान को फिलहाल सील कर दिया गया है और मामले की जांच जारी है। वहीं वायरल तस्वीर के बाद अब पुलिस विभाग की आंतरिक कार्यप्रणाली को लेकर भी बहस शुरू हो गई है।



