सीजी भास्कर, 05 सितम्बर। छत्तीसगढ़ में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। रात 12 बजे मंदिरों में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का उत्सव हुआ। मंदिरों को रंग-बिरंगी रोशनी और फूलों से सजाया गया। विशेष पूजा-अर्चना, अभिषेक, भजन-कीर्तन और भगवान को भोग अर्पित किया गया। कई जगह बच्चों को कृष्ण और राधा के बाल स्वरूप में सजाकर मंदिरों तक लाया गया। (Chhattisgarh Janmashtami Celebration)
कारागार में सजा कृष्ण जन्म का दृश्य : Chhattisgarh Janmashtami Celebration
रायपुर के सिटी कोतवाली स्थित कारागार में भी जन्माष्टमी पर भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का दृश्य प्रस्तुत किया गया। इस दौरान श्रद्धालुओं में उत्साह देखने को मिला। शहर के इस्कॉन मंदिर में भगवान कृष्ण को फूलों से सजाया गया और भक्ति कार्यक्रम आयोजित किए गए।
रायगढ़ में 20 से अधिक झांकियां तैयार की गईं। बिलासपुर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु बच्चों को कृष्ण के रूप में सजाकर मंदिर पहुंचे। सरगुजा पैलेस परिसर में मटकी फोड़ प्रतियोगिता आयोजित की गई। भिलाई में मंदिर परिसर ‘हरे कृष्ण, हरे राम’ के जयकारों से गूंजता रहा और श्रद्धालु भजन-कीर्तन पर झूमते नजर आए।
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जैतूसाव मठ में 11 क्विंटल मालपुए का भोग
जैतूसाव मठ में भगवान श्रीकृष्ण को 11 क्विंटल मालपुए और एक क्विंटल पंजीरी का भोग लगाया गया। जन्माष्टमी के अवसर पर यहां विशेष धार्मिक आयोजन किए गए। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना में हिस्सा लिया।
दंतेवाड़ा की सुरभी कॉलोनी में दही हांडी कार्यक्रम आयोजित किया गया। वहीं अन्य शहरों में भी मंदिरों और सार्वजनिक स्थानों पर विभिन्न धार्मिक व सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए। बच्चों के लिए फैंसी ड्रेस प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गईं, जिसमें उन्होंने कृष्ण और राधा का रूप धारण किया।
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टाटीबंध में एक किलोमीटर लंबा जाम : Chhattisgarh Janmashtami Celebration
जन्माष्टमी के आयोजनों के कारण रायपुर के टाटीबंध सर्विस रोड पर करीब एक किलोमीटर लंबा जाम लग गया। इस्कॉन मंदिर और सर्विस रोड से दुर्ग की ओर जाने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
जन्माष्टमी के दौरान शहर के कई हिस्सों में देर रात तक श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही। मंदिरों में विशेष सजावट और धार्मिक कार्यक्रमों के चलते माहौल पूरी तरह कृष्ण भक्ति में डूबा नजर आया।
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