सीजी भास्कर, 20 अक्टूबर । दुर्ग पुलिस अपराधों की जांच और संदिग्धों की पहचान के लिए बायोमेट्रिक और फिंगरप्रिंट रिकॉर्ड जुटा रही है। अब तक मेजरमेंट कलेक्शन यूनिट (MCU) में 2,153 और नेशनल ऑटोमेटेड फिंगरप्रिंट आइडेंटिफिकेशन सिस्टम (NAFIS) में 8,963 रिकॉर्ड दर्ज किए गए हैं। दोनों व्यवस्थाओं में कुल 11,116 प्रविष्टियां दर्ज हो चुकी हैं। (Durg Police Fingerprint Biometric Records)

संदिग्धों की पहचान में मदद करेगा दुर्ग पुलिस का डिजिटल रिकॉर्ड : Durg Police Fingerprint Biometric Records
पुलिस आपराधिक मामलों में शामिल रहे लोगों के फिंगरप्रिंट और अन्य निर्धारित बायोमेट्रिक जानकारी डिजिटल रूप में सुरक्षित रख रही है। इसके लिए कंट्रोल रूम सेक्टर-6 में व्यवस्था की गई है।
चोरी, लूट, हत्या और चाकूबाजी जैसी घटनाओं के घटनास्थल से फिंगरप्रिंट मिलने पर उनका उपलब्ध रिकॉर्ड से मिलान किया जा सकेगा। इससे संदिग्धों की पहचान की पड़ताल करने और जांच को आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
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दुर्ग पुलिस की डिजिटल रिकॉर्ड व्यवस्था से जांच को मिलेगी नई दिशा
इसके अलावा, अलग-अलग घटनाओं में मिले फिंगरप्रिंट (Durg Police Fingerprint Biometric Records) का मिलान कर यह पता लगाने में भी सहायता मिल सकती है कि मामलों के बीच कोई संबंध है या नहीं। पुलिस को उम्मीद है कि डिजिटल रिकॉर्ड से पुराने मामलों की जांच में भी उपयोगी सुराग मिल सकेंगे।
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