सीजी भास्कर, 06 मई : छत्तीसगढ़ के घोर नक्सल प्रभावित सुकमा (Puverti Village) जिले से एक ऐसी सुखद और ऐतिहासिक खबर सामने आई है, जो बस्तर में आ रहे बड़े बदलाव की गवाही दे रही है। कभी नक्सलियों की समानांतर सरकार और खौफ के साए के लिए पहचाना जाने वाला ग्राम पुवर्ती अब विकास और प्रशासनिक विश्वास का नया प्रतीक बन गया है। जिले के कोंटा विकासखंड के अंतर्गत आने वाले पुवर्ती गांव में जनगणना कार्य को रिकॉर्ड समय में पूरा कर एक नई मिसाल कायम की गई है। सुकमा कलेक्टर अमित कुमार ने अपने कक्ष में प्रगणक जवाराम पटेल को मात्र 3 दिनों के भीतर इस दुर्गम क्षेत्र में जनगणना कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण करने पर विशेष रूप से सम्मानित किया है। इसके साथ ही पुवर्ती, प्रथम चरण में सुकमा जिले का पहला ऐसा गांव बन गया है जहां जनगणना का काम सबसे पहले खत्म हुआ।
950 की आबादी और 234 मकान
पुवर्ती (Puverti Village) में इस कठिन कार्य को अंजाम देने वाले सहायक शिक्षक और प्रगणक जवाराम पटेल ने बताया कि इस गांव में लगभग 950 से अधिक की जनसंख्या और 234 मकान हैं। वर्तमान में यहाँ 2 आंगनबाड़ी केंद्र और 1 स्कूल भी सफलतापूर्वक संचालित हो रहा है। उन्होंने बताया कि काम के दौरान उन्हें कई व्यावहारिक दिक्कतों का सामना करना पड़ा; खासकर स्थानीय ‘गोंडी बोली’ को पूरी तरह न समझ पाने के कारण ग्रामीणों से संवाद करने में भारी परेशानी आ रही थी। लेकिन उन्होंने इस भाषा की बाधा को आड़े नहीं आने दिया और स्थानीय स्कूल के शिक्षकों की मदद लेकर प्रत्येक परिवार तक पहुंचे और देश के इस महत्वपूर्ण (Census Work) (जनगणना कार्य) को समय सीमा के भीतर पूरा किया।
नक्सलियों की मांद में अब पहुंच रही हैं सरकारी योजनाएं
उल्लेखनीय है कि पुवर्ती (Puverti Village) गांव को कभी बस्तर में नक्सलवाद का सबसे बड़ा गढ़ और सुरक्षाबलों के लिए ‘नो-गो ज़ोन’ माना जाता था। लेकिन हाल के दिनों में सुरक्षाबलों द्वारा स्थापित नए कैंपों, नक्सल उन्मूलन अभियानों और प्रशासन की सक्रियता के बाद यहाँ के हालात पूरी तरह बदल चुके हैं। पुवर्ती में विकास की बयार बह रही है, सड़कों का जाल बिछ रहा है और ग्रामीण अब शासन की कल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ उठा रहे हैं। कभी लोकतंत्र का बहिष्कार करने वाले इस क्षेत्र में समय पर (Census Work) (जनगणना कार्य) का पूरा होना इस बात का सबसे बड़ा सबूत है कि अब ग्रामीणों का भरोसा बंदूक की नोक से हटकर भारतीय प्रशासन और विकास की मुख्यधारा पर मजबूत हो रहा है।
कलेक्टर ने थपथपाई पीठ
कलेक्टर अमित कुमार ने प्रगणक जवाराम पटेल के जज्बे, समर्पण और साहस की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि अत्यंत संवेदनशील और नक्सल प्रभावित क्षेत्र में बिना किसी डर के, भाषा की बाधा को पार करते हुए जवाराम ने जो काम किया है, वह देश के अन्य शासकीय कर्मचारियों और जनगणना कर्मियों के लिए एक महान प्रेरणास्रोत है। सम्मान के इस गरिमामय अवसर पर तहसीलदार एवं चार्ज अधिकारी (जगरगुण्डा ग्रामीण) योपेंद्र पात्रे भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।


