सीजी भास्कर, 5 नवंबर। सिख समुदाय पर कथित विवादित टिप्पणी के मामले में कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को इलाहाबाद हाईकोर्ट से राहत (Rahul Gandhi Case) मिली है। गुरुवार को अदालत ने उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी। याचिका नागेश्वर मिश्रा और अन्य की ओर से दाखिल की गई थी।

वाराणसी कोर्ट के फैसले को दी गई थी चुनौती Rahul Gandhi Case
याचिकाकर्ताओं ने पहले वाराणसी की अदालत में राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी, लेकिन वहां से अर्जी खारिज कर दी गई। इसके बाद उन्होंने वाराणसी कोर्ट के फैसले को इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती दी।
16 अक्टूबर को दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। गुरुवार को जस्टिस विक्रम डी. चौहान की पीठ ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 528 के तहत दाखिल याचिका पर फैसला सुनाते हुए इसे खारिज कर दिया।
राहुल गांधी के अमेरिका दौरे के बयान से जुड़ा मामला
पूरा विवाद राहुल गांधी के 10 सितंबर 2024 को अमेरिका दौरे के दौरान दिए गए बयान (Rahul Gandhi Case) से जुड़ा है। एक कार्यक्रम में उन्होंने सिख समुदाय की धार्मिक स्वतंत्रता और पगड़ी व कड़ा पहनने के अधिकार को लेकर टिप्पणी की थी।
इस बयान पर भाजपा ने आपत्ति जताई थी और राहुल गांधी पर विदेश में भारत की छवि खराब करने का आरोप लगाया था।
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दोनों पक्षों ने अदालत में रखी दलीलें
याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता सत्येंद्र कुमार त्रिपाठी ने पक्ष रखा, जबकि राज्य सरकार की ओर से अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल पेश हुए।
हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग वाली याचिका पर कानूनी प्रक्रिया समाप्त (Rahul Gandhi Case) हो गई है।
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