सीजी भास्कर, 09 अक्टूबर ।रायपुर में साइबर ठगी का एक और मामला सामने आया है। ठगों ने खुद को ATS, NIA और पुलिस का वरिष्ठ अधिकारी बताकर 60 वर्षीय शिक्षक को तीन दिनों तक डिजिटल अरेस्ट रखा। आरोपियों ने शिक्षक के पहचान पत्र से जम्मू-कश्मीर में फर्जी बैंक खाता खुलने और उसमें मनी लॉन्ड्रिंग होने की बात कही। गिरफ्तारी का डर दिखाकर ठगों ने शिक्षक से 18 लाख रुपए ट्रांसफर करा लिए। (Raipur Digital Arrest Scam)
पीड़ित की शिकायत के बाद साइबर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोपियों ने कॉल के जरिए शिक्षक से संपर्क किया और बताया कि उनके नाम से लखनऊ ATS में गिरफ्तारी वारंट जारी है। इसके कुछ देर बाद वर्दी पहने एक व्यक्ति ने वीडियो कॉल कर खुद को अधिकारी बताया और जांच पूरी होने तक घर से बाहर नहीं निकलने के निर्देश दिए।
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तीन दिन तक डिजिटल अरेस्ट रखकर जुटाई निजी जानकारी : Raipur Digital Arrest Scam
आरोपियों ने शिक्षक को किसी से संपर्क नहीं करने दिया। इस दौरान परिवार, बैंक खाते, जमा रकम और संपत्ति से जुड़ी जानकारी हासिल की गई। ठगों ने शिक्षक को भरोसा दिलाया कि जांच पूरी होने के बाद RBI की ओर से उन्हें नॉन-इन्वॉल्वमेंट सर्टिफिकेट दिया जाएगा।
फर्जी जांच और गिरफ्तारी के डर से शिक्षक ने अपनी बैंक FD तुड़वा दी। इसके बाद आरोपियों के बताए खाते में 18 लाख रुपए RTGS के जरिए ट्रांसफर कर दिए। रकम भेजने के बाद शिक्षक को ठगी का एहसास हुआ और उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
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बैंक खाते और आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस
शिकायत के आधार पर साइबर रेंज पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस उस बैंक खाते की जानकारी जुटा रही है, जिसमें 18 लाख रुपए ट्रांसफर किए गए थे। इसके साथ ही आरोपियों की पहचान और उनके नेटवर्क (Raipur Digital Arrest Scam) की भी जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की तलाश जारी है और जल्द गिरफ्तारी की कोशिश की जा रही है।
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पहले कारोबारी को 44 दिन तक बनाया था निशाना : Raipur Digital Arrest Scam
इससे पहले रायपुर में ही एक कारोबारी को ठगों ने 44 दिनों तक डिजिटल अरेस्ट रखा था। आरोपियों ने खुद को CBI और IPS अधिकारी बताया था। उन्होंने कारोबारी के नाम से ICICI बैंक में 6.80 करोड़ रुपए की मनी लॉन्ड्रिंग होने का डर दिखाया और जेल भेजने के साथ परिवार के सदस्यों को गिरफ्तार कराने की धमकी दी। इसके बाद कारोबारी से 8.50 लाख रुपए ट्रांसफर करा लिए गए थे।
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