सीजी भास्कर, 15 अक्टूबर । रायपुर में दिव्य दरबार के आयोजन की अनुमति को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। मां मातंगी दिव्यधाम के पीठाधीश्वर डॉ. प्रेमासाई महाराज ने पुलिस प्रशासन पर स्थानीय संतों के साथ भेदभाव करने का आरोप लगाया है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के कार्यक्रमों में प्रेत दरबार आयोजित होता है, तो स्थानीय संतों को इसी तरह के आयोजन की अनुमति क्यों नहीं मिल रही? (Raipur Divya Darbar Permission)
यह भी पढ़ें : बागेश्वर धाम से लगे गढ़ा में मिली महिला की अधजली लाश, कागज के ढेर से जलाया गया है महिला को, इलाके में हड़कंप
पांच दिवसीय धार्मिक आयोजन के लिए मांगी गई अनुमति : Raipur Divya Darbar Permission
प्रेमासाई महाराज ने 24 से 28 अक्टूबर तक रायपुर के गुढ़ियारी स्थित अवधपुरी मैदान में पांच दिवसीय दिव्य दरबार आयोजित करने की अनुमति मांगी है। आयोजकों के मुताबिक, कार्यक्रम पूरी तरह निःशुल्क होगा और इसमें 35 से 40 हजार श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है।
यह भी पढ़ें : Ghar Wapsi Korba: हनुमंत कथा में 583 लोगों की वापसी का दावा, धीरेंद्र शास्त्री का धर्मांतरण पर बड़ा बयान

अनुमति नहीं मिली तो अन्न त्यागकर प्रदर्शन की चेतावनी
महाराज का आरोप है कि प्रशासन प्रेत दरबार को अंधविश्वास बताते हुए अनुमति नहीं दे रहा है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर आयोजन की अनुमति नहीं मिली, तो वे हजारों भक्तों के साथ अवधपुरी मैदान में अन्न त्यागकर प्रदर्शन करेंगे।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनका विरोध (Raipur Divya Darbar Permission) सरकार के खिलाफ नहीं, बल्कि प्रशासन की कार्यप्रणाली के खिलाफ है। प्रेमासाई महाराज ने मांग की है कि धार्मिक आयोजनों की अनुमति देने के नियम सभी संतों पर समान रूप से लागू किए जाएं।
यह भी पढ़ें : Divya Darbar Bhilai: भिलाई में आज दिव्य दरबार, धीरेंद्र शास्त्री की कथा में सनातन वापसी का बड़ा आयोजन
ख़बरें और भी हैं :Fag Mahotsav 4.0 Raipur: राजधानी में सजेगा बाबा श्याम का दिव्य दरबार, फाल्गुन की रंगत में भक्ति का महासंगम


