रायपुर, 11 अगस्त : महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने विभागीय प्रशासन (Retirement Benefits) में संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है। उन्होंने सेवानिवृत्ति प्रकरणों के समयबद्ध निराकरण के सख्त निर्देश दिए हैं। मंत्री ने कहा कि लंबे समय तक शासन की सेवा करने वाले अधिकारी और कर्मचारी को सेवानिवृत्ति के समय किसी भी तरह की प्रशासनिक परेशानी नहीं होनी चाहिए।
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सेवानिवृत्ति से पहले पूरी होगी प्रक्रिया
मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने प्रमुख सचिव, संचालक समाज कल्याण और संचालक महिला एवं बाल विकास को निर्देश दिए हैं कि विभाग से सेवानिवृत्त (Retirement Benefits) होने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रकरणों की अग्रिम तैयारी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सेवानिवृत्ति आदेश, पेंशन, ग्रेच्युटी, अवकाश नकदीकरण और अन्य सभी देय स्वत्वों का निराकरण सेवानिवृत्ति तिथि से पहले पूरा किया जाए। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कर्मचारी को उसके सेवानिवृत्ति दिवस पर ही सभी आवश्यक आदेश और भुगतान उपलब्ध हो सकें।
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दस्तावेजों में देरी पर जताई नाराजगी
मंत्री राजवाड़े ने कहा कि कई बार मांग एवं जांच प्रमाण पत्र, सेवा सत्यापन और अन्य जरूरी दस्तावेजों (Retirement Benefits) की प्रक्रिया में देरी होने के कारण कर्मचारियों को अनावश्यक परेशानी उठानी पड़ती है। कुछ मामलों में प्रशासनिक अनुमोदन के लिए प्रकरण देर से प्रस्तुत होने से भुगतान और अन्य लाभ भी प्रभावित होते हैं। उन्होंने इसे गंभीरता से लेते हुए विभाग के सभी स्तरों पर समयबद्ध कार्यसंस्कृति अपनाने के निर्देश दिए हैं।
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Retirement Benefits चेकलिस्ट से होगी मानिटरिंग
मंत्री ने शासन स्तर, विभागाध्यक्ष स्तर और अधीनस्थ कार्यालयों में सेवानिवृत्ति संबंधी कार्यों के लिए चेकलिस्ट आधारित मॉनिटरिंग प्रणाली लागू करने को कहा है। प्रत्येक कार्यालय में आगामी सेवानिवृत्त होने वाले शासकीय सेवकों की सूची तैयार की जाएगी और उनके प्रकरणों की नियमित समीक्षा की जाएगी। इस व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी कर्मचारी का सेवानिवृत्ति प्रकरण लंबित न रहे और सभी वैधानिक लाभ समय पर मिल सकें।
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सम्मानजनक विदाई पर जोर
मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि सेवानिवृत्ति केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि कर्मचारी के जीवन का महत्वपूर्ण पड़ाव है। इसलिए विभागीय अधिकारियों को मानवीय दृष्टिकोण अपनाना चाहिए। सेवानिवृत्त होने वाले अधिकारी-कर्मचारियों को सम्मानजनक विदाई के साथ उनके सभी वैधानिक स्वत्व और अधिकार समय पर मिलना सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
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