सीजी भास्कर, 30 अक्टूबर । छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के भेलवापाल गांव में धार्मिक स्थलों और मुक्तिधाम की जमीन को लेकर विवाद सामने आया है। ग्रामीणों ने जमीन पर अतिक्रमण, पारंपरिक देवस्थलों से छेड़छाड़ और कथित अवैध धर्मांतरण के आरोप लगाते हुए सुकमा थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंपा है। (Sukma Religious Land Encroachment)
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विरोध करने पर ग्रामीणों को डराने-धमकाने का आरोप : Sukma Religious Land Encroachment
ग्रामीणों का आरोप है कि गांव के पूर्वजों के मुक्तिधाम यानी श्मशान घाट की जमीन पर कुछ लोगों ने ट्रैक्टर से जुताई कर फसल लगा दी। विरोध करने पर ग्रामीणों को डराने-धमकाने का आरोप भी लगाया गया है। ग्रामीणों ने इस भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराने की मांग की है।

खेती और त्योहारों से पहले ग्राम देवी-देवताओं की पूजा की पुरानी परंपरा
इसके अलावा, ग्रामीणों ने गांव के पारंपरिक धार्मिक स्थलों देवगुड़ी और दन्तगुड़ी मावी देव की सुरक्षा का मुद्दा उठाया है। उनका कहना है कि गांव में खेती, शादी-विवाह, मेले और त्योहारों से पहले ग्राम देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना की पुरानी परंपरा रही है।
ग्रामीणों ने धर्मांतरण से जुड़े आरोपों की जांच की मांग की : Sukma Religious Land Encroachment
ज्ञापन में कुछ धर्मांतरित ग्रामीणों और बाहरी पास्टरों पर आदिवासी संस्कृति और परंपराओं को प्रभावित करने के आरोप भी लगाए गए हैं। ग्रामीणों ने इन आरोपों की जांच कर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। हालांकि, धर्मांतरण से जुड़े आरोपों की पुष्टि नहीं हुई है ।
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