सीजी भास्कर, 08 अक्टूबर । छत्तीसगढ़ के सूरजपुर में हेड कॉन्स्टेबल की पत्नी और बेटी की हत्या के मामले में स्पेशल कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। मुख्य आरोपी कुलदीप साहू समेत तीन दोषियों को फांसी की सजा दी गई है, जबकि चौथे आरोपी आर्यन विश्वकर्मा को मरते दम तक उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। कोर्ट ने 29 सितंबर को चारों आरोपियों को हत्या, रेप और पॉक्सो एक्ट के तहत दोषी करार दिया था। (Surajpur Mother Daughter Murder Case)
यह मामला 14 अक्टूबर 2024 का है, जब हेड कॉन्स्टेबल की पत्नी और बेटी के शव घर से करीब पांच किलोमीटर दूर मिले थे। जांच में सामने आया कि वारदात से पहले महिला के साथ रेप किया गया और फिर मां-बेटी की हत्या कर दी गई। पोस्टमार्टम के मुताबिक, बच्ची पर चाकू से 28 बार और उसकी मां पर 33 बार वार किए गए थे।
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धमकी से शुरू हुई वारदात की कहानी : Surajpur Mother Daughter Murder Case
इस हत्याकांड से एक दिन पहले यानी 13 अक्टूबर 2024 की शाम आरोपी कुलदीप साहू अपने साथियों आर्यन विश्वकर्मा, चंद्रकांत चौधरी और रिंकू सिंह के साथ सूरजपुर के पुराने बस स्टैंड पर बैठा था। इसी दौरान आरक्षक घनश्याम सोनवानी की नजर उस पर पड़ी। जिला बदर किए गए कुलदीप को पकड़ने की कोशिश की गई, तो उसने आरक्षक पर खौलता तेल डाल दिया और तलवार से काटने की धमकी देते हुए वहां से भाग निकला।
पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर कुलदीप को पकड़ने के लिए हेड कॉन्स्टेबल भी निकले थे। इस दौरान आरोपी ने उन पर गाड़ी चढ़ाने की कोशिश की। बताया जाता है कि कुलदीप और हेड कॉन्स्टेबल के बीच पहले से विवाद भी था।

शाम को धमकी, रात में मां-बेटी की हत्या
आरोप है कि पुलिसकर्मियों से टकराव के बाद कुलदीप साहू हेड कॉन्स्टेबल के घर पहुंचा। वहां उसने उनकी पत्नी के साथ रेप किया और फिर चाकू से उसकी हत्या कर दी। इसके बाद उनकी बेटी की भी हत्या कर दी गई। दोनों के शव घर से करीब पांच किलोमीटर दूर फेंक दिए गए।
रात में ड्यूटी से लौटे हेड कॉन्स्टेबल को घर में खून बिखरा मिला। पत्नी और बेटी घर पर नहीं थीं। दीवारों और फर्श पर खून के निशान देखकर वह परेशान हो गए और रातभर दोनों की तलाश करते रहे। अगले दिन 14 अक्टूबर को घर से करीब पांच किलोमीटर दूर दोनों के शव बरामद हुए।
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सबूतों के आधार पर दोषी करार : Surajpur Mother Daughter Murder Case
जांच के दौरान आरोपियों के फिंगरप्रिंट, कपड़ों पर मिले खून के नमूने और डीएनए जांच अहम सबूत बने। डीएनए जांच से महिला के साथ रेप की पुष्टि हुई। मामले की सुनवाई न्यायाधीश आनंद प्रकाश वारियाल की फास्ट ट्रैक कोर्ट में हुई।
29 सितंबर को दोषी करार दिए जाने के बाद मुख्य आरोपी कुलदीप साहू कोर्ट से बाहर निकलते समय हंसता हुआ दिखाई दिया था। उसने पत्रकारों की ओर स्माइली साइन भी बनाया था।
अब कोर्ट ने मुख्य आरोपी कुलदीप साहू समेत तीन दोषियों को फांसी और चौथे आरोपी आर्यन विश्वकर्मा को मरते दम तक उम्रकैद की सजा सुनाई है। इस फैसले के साथ ही सूरजपुर के इस चर्चित मां-बेटी हत्याकांड में सजा का ऐलान हो गया है।
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