सीजी भास्कर, 20 जून : गरियाबंद जिले में साक्षरता अभियान को नई गति देने और शिक्षा (Ullas Nav Bharat Saksharta Program) की गुणवत्ता में सुधार लाने के उद्देश्य से कलेक्टर बी.एस. उइके की अध्यक्षता में जिला साक्षरता मिशन प्राधिकरण की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। संयुक्त जिला कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित बैठक में जिला पंचायत सीईओ प्रखर चंद्राकर सहित शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में Ullas Nav Bharat Saksharta Program की प्रगति, स्कूलों की शैक्षणिक गतिविधियों, बोर्ड परीक्षा परिणामों और आगामी कार्ययोजना की विस्तार से समीक्षा की गई।
कलेक्टर बोले- बच्चों को सिर्फ पढ़ाई नहीं, संस्कार भी जरूरी
कलेक्टर बी.एस. उइके ने कहा कि बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए केवल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा ही नहीं, बल्कि नैतिक शिक्षा और संस्कारों पर भी विशेष ध्यान देना आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी बालवाड़ियों में बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की जाए तथा कक्षा 9वीं और 11वीं के विद्यार्थियों को विभिन्न शैक्षणिक गतिविधियों से जोड़ा जाए।
उन्होंने कहा कि आगामी बोर्ड परीक्षाओं में बेहतर परिणाम प्राप्त करने के लिए ब्लू प्रिंट के आधार पर चरणबद्ध टेस्ट आयोजित किए जाएं और विद्यार्थियों की तैयारी का लगातार मूल्यांकन किया जाए।
जेईई-नीट और छात्रवृत्ति परीक्षाओं की तैयारी पर जोर
जिला पंचायत सीईओ प्रखर चंद्राकर ने विद्यार्थियों को जेईई और नीट जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रति प्रेरित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि छात्रों को उच्च गुणवत्ता की शिक्षा उपलब्ध कराने के साथ-साथ उनमें रचनात्मक सोच, विश्लेषण क्षमता और स्वयं सीखने की प्रवृत्ति विकसित की जानी चाहिए।
बैठक में जवाहर नवोदय विद्यालय प्रवेश परीक्षा, राष्ट्रीय आय एवं योग्यता आधारित छात्रवृत्ति परीक्षा, जेईई, नीट और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में अधिक से अधिक विद्यार्थियों के चयन के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने पर चर्चा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि विद्यार्थियों की प्रारंभिक स्तर से तैयारी कराई जाए और उनकी नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए।





