सीजी भास्कर, 21 मई : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज सूरजपुर प्रवास (Vishnu Deo Sai Surajpur Visit) के दौरान रामानुजनगर प्राथमिक वनोपज सहकारी समिति के अंतर्गत तेंदूपत्ता संग्रहण फड़ ‘पटना’ का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने महुआ पेड़ की छांव तले चौपाल लगाकर तेंदूपत्ता संग्राहकों से सीधा और आत्मीय संवाद किया। मुख्यमंत्री ने संग्रहण कार्यों का जायजा लेते हुए ग्रामीणों की समस्याओं, आजीविका के साधनों और मूलभूत सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने वनाधारित अर्थव्यवस्था से जुड़े परिवारों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए अधिकारियों को पूरी संवेदनशीलता के साथ कार्य करने के सख्त निर्देश दिए।
तेंदू फलों की विशेष माला से मुख्यमंत्री का अनूठा स्वागत
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के फड़ आगमन पर वनांचल के संग्राहकों ने पारंपरिक और आत्मीय स्वागत किया। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री को तेंदूपत्ता और तेंदू फलों से निर्मित विशेष माला पहनाकर उनका भावभीना अभिनंदन किया। इस गरिमामयी अवसर पर महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े, स्थानीय विधायक भूलन सिंह मरावी तथा वन विकास निगम के अध्यक्ष रामसेवक पैकरा का भी पारंपरिक रूप से सम्मान किया गया। मुख्यमंत्री ने संग्राहकों के कड़े श्रम और योगदान की सराहना करते हुए कहा कि वनांचल की आजीविका से जुड़े ये लोग ग्रामीण अर्थव्यवस्था की असली रीढ़ हैं और उनके जीवन में खुशहाली लाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
महुआ पेड़ की छांव में लगी जन-चौपाल
मुख्यमंत्री ने महुआ पेड़ के नीचे बैठकर संग्राहकों से सीधे सवाल-जवाब किए और कहा कि हमारी सरकार स्वयं लोगों का हालचाल जानने और सुशासन को परखने के लिए गांव-गांव पहुंच रही है। चौपाल में उन्होंने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (राशन व्यवस्था), शुद्ध पेयजल की उपलब्धता, जल जीवन मिशन की जमीनी प्रगति, राजस्व से जुड़े नामांतरण-बंटवारा प्रकरणों, स्थानीय शिक्षा व्यवस्था तथा ‘महतारी वंदन योजना’ की मासिक राशि समय पर मिलने की विस्तृत जानकारी ली।
मुख्यमंत्री ने उपस्थित महिलाओं से महतारी वंदन योजना से प्राप्त हो रही राशि के उपयोग के बारे में विशेष रूप से चर्चा की। महिलाओं ने बताया कि इस राशि का उपयोग वे परिवार की आर्थिक मजबूती, घरेलू बचत और बच्चों की पढ़ाई-लिखाई जैसी जरूरतों में सकारात्मक रूप से कर रही हैं।
अधिकारियों को निर्देश और चरण पादुका का वितरण
मुख्यमंत्री ने संग्राहकों की दैनिक आय और जंगलों में कार्य की परिस्थितियों के बारे में भी फीडबैक लिया। उन्होंने मौके पर उपस्थित वन विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देशित किया कि वनाधारित आजीविका से जुड़े परिवारों के हितों के संरक्षण और उनके कल्याणकारी बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए निरंतर प्रयास सुनिश्चित किए जाएं। इस दौरान मुख्यमंत्री ने स्वयं अपने हाथों से संग्राहकों को चरण पादुका (चप्पल) का वितरण कर उनका उत्साहवर्धन किया।
पटना फड़ में लक्ष्य से अधिक रिकॉर्ड संग्रहण
उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार द्वारा वर्ष 2026 में तेंदूपत्ता संग्रहण की दर बढ़ाकर 5,500 रुपये प्रति मानक बोरा निर्धारित की गई है, जिससे संग्राहकों में भारी उत्साह है। पटना फड़ में इस सीजन के लिए कुल 50 मानक बोरा संग्रहण का लक्ष्य तय किया गया था, लेकिन संग्राहकों की सक्रियता के चलते 21 मई 2026 तक लक्ष्य को पार करते हुए रिकॉर्ड 66.640 मानक बोरा तेंदूपत्ता संग्रहित किया जा चुका है। इस फड़ से कुल 108 संग्राहक परिवार सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं, जो क्षेत्र की वनाधारित अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।



