सीजी भास्कर, 15 अक्टूबर : छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में 10 हजार रुपये की कथित वसूली के लिए स्कूल में वीडियो बनाने और शिक्षक को धमकाने का मामला सामने आया है। प्रभारी प्रधान पाठक से रुपये मांगने और इनकार करने पर वीडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित करने के आरोप (YouTuber Extortion Case) में यूट्यूबर दीपक यादव समेत तीन आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद तीनों ने न्यायालय में आत्मसमर्पण किया था। पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया।
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10 हजार रुपये की मांग
मामला बलरामपुर जिले के पस्ता थाना क्षेत्र के शासकीय प्राथमिक शाला पुटसु का है। प्रभारी प्रधान पाठक रुकमण बारीक ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि यूट्यूबर दीपक यादव (23), निवासी टांगरमहरी, ने उनसे 10 हजार रुपये की मांग की थी। शिकायत के अनुसार, रुपये देने से इनकार करने पर 25 अगस्त 2026 को दोपहर में दीपक के साथी श्रवण यादव (34), निवासी ग्राम पुटसु, और सूर्या यादव (20), निवासी वार्ड क्रमांक चार, बलरामपुर, स्कूल पहुंचे। आरोप है कि दोनों ने बिना अनुमति वीडियो बनाया और शिक्षक के साथ अभद्र व्यवहार किया।
वीडियो वायरल करने की धमकी
शिकायतकर्ता के मुताबिक, आरोपियों ने रुपये नहीं देने पर वीडियो को यूट्यूब और फेसबुक पर प्रसारित कर बदनाम करने तथा नौकरी से निलंबित कराने की धमकी दी थी। शिक्षक ने इसके बावजूद रुपये नहीं दिए। इसके बाद आरोपियों ने वीडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित कर दिया। शिक्षक ने आरोप लगाया कि इस घटनाक्रम से उनकी व्यक्तिगत और सामाजिक प्रतिष्ठा के साथ स्कूल की छवि भी प्रभावित हुई। इसी शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। इस कथित वसूली प्रकरण (YouTuber Extortion Case) में लगाए गए आरोपों की जांच के दौरान पुलिस ने साक्ष्य जुटाए।
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पुलिस ने जुटाए साक्ष्य
पस्ता थाना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं 221, 351(2), 308(2), 356(3) और 3(5) के तहत अपराध दर्ज किया। जांच के दौरान प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए गए और घटनास्थल का निरीक्षण किया गया। पुलिस ने प्रसारित वीडियो के स्क्रीनशॉट वाली पेन ड्राइव जब्त की। इसके अलावा शिक्षक की नियुक्ति से संबंधित दस्तावेज भी जांच में शामिल किए गए। पुलिस के अनुसार, जांच शुरू होने के बाद तीनों आरोपी फरार हो गए थे।
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हाईकोर्ट से नहीं मिली राहत
मामले में आरोपी दीपक यादव ने बिलासपुर हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी, जिसे न्यायालय ने खारिज कर दिया। इसके बाद पुलिस का दबाव बढ़ने पर 14 अक्टूबर 2026 को तीनों आरोपियों ने न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस ने न्यायालय से अनुमति लेकर तीनों को गिरफ्तार किया और न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया। फिलहाल मामला दर्ज आरोपों और जांच में जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ेगा।
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पुलिस ने की अपील
बलरामपुर पुलिस ने लोगों से इंटरनेट मीडिया का जिम्मेदारी से इस्तेमाल करने की अपील की है। पुलिस के अनुसार, किसी की प्रतिष्ठा को प्रभावित करने वाली सामग्री प्रसारित करने से पहले तथ्यों की सत्यता जांचनी चाहिए। वहीं, अवैध मांग या धमकी मिलने पर तत्काल नजदीकी थाने में सूचना देने की सलाह दी गई है। स्कूल में वीडियो बनाने और कथित वसूली से जुड़ा यह मामला (YouTuber Extortion Case) इंटरनेट मीडिया के इस्तेमाल और उसकी जिम्मेदारी को लेकर भी सवाल खड़े करता है।
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