सीजी भास्कर 22 अप्रैल
छत्तीसगढ़ में जनगणना और सुशासन तिहार को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने अगले तीन महीनों के लिए सरकारी कर्मचारियों की छुट्टियों पर रोक लगा दी है। सामान्य प्रशासन विभाग ने आदेश जारी कर स्पष्ट किया है कि पूर्व अनुमति के बिना कोई भी कर्मचारी अवकाश पर नहीं जा सकेगा और ऐसा करना गंभीर अनुशासनहीनता माना जाएगा।
महत्वपूर्ण कार्यों को देखते हुए फैसला
सरकार ने यह निर्णय जनगणना और सुशासन तिहार जैसे अहम कार्यों को समय पर पूरा करने के उद्देश्य से लिया है। अगले तीन महीनों तक इन निर्देशों का सख्ती से पालन अनिवार्य रहेगा।
बिना अनुमति छुट्टी पर कार्रवाई
आदेश के अनुसार, किसी भी कर्मचारी को सक्षम अधिकारी से स्वीकृति लिए बिना अवकाश पर जाने की अनुमति नहीं होगी। बिना अनुमति अनुपस्थित पाए जाने पर इसे सेवा में बाधा मानते हुए अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
इमरजेंसी में भी सूचना जरूरी
आकस्मिक स्थिति में छुट्टी लेने की आवश्यकता होने पर भी कर्मचारी को पहले फोन या अन्य डिजिटल माध्यम से सूचना देना अनिवार्य होगा। बाद में कार्यालय लौटने पर इसकी लिखित पुष्टि करनी होगी।
लंबी छुट्टी से पहले जिम्मेदारी सौंपना अनिवार्य
यदि कोई कर्मचारी लंबी अवधि के अवकाश (जैसे अर्जित अवकाश) पर जाता है, तो उसे अपने कार्यों का प्रभार किसी अन्य अधिकारी या कर्मचारी को पहले सौंपना होगा।
सख्त पालन के निर्देश
सरकार ने सभी विभागों, संभागायुक्तों और कलेक्टरों को इन निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इस निर्णय को प्रशासनिक कार्यों की निरंतरता बनाए रखने और बड़े सरकारी कार्यक्रमों को समय पर पूरा करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।


