सीजी भास्कर, 24 जुलाई। चर्चित शराब घोटाले से जुड़े ओवरटाइम स्कैम मामले में हाईकोर्ट के फैसले के बाद एक बार फिर यह मामला (Liquor Scam) चर्चा में आ गया है। लंबे समय से न्यायिक हिरासत में बंद चार आरोपियों को अदालत से बड़ी राहत मिली है। फैसले के बाद मामले से जुड़े कानूनी पहलुओं पर भी नई बहस शुरू हो गई है।
सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष और जांच एजेंसी ने अपने अपने तर्क अदालत के सामने रखे। सभी पक्षों को सुनने के बाद हाईकोर्ट ने नियमित जमानत मंजूर करते हुए आरोपियों को निर्धारित शर्तों के साथ रिहा करने का आदेश दिया।

यह भी पढ़े : Raigarh Job Fair 2026 : 173 पदों पर होगी सीधी भर्ती, 10वीं-12वीं युवाओं को मौका
चार आरोपियों को मिली नियमित जमानत Liquor Scam
हाईकोर्ट ने शराब घोटाले से जुड़े कथित ओवरटाइम स्कैम में आरोपी संजीव जैन, राजीव द्विवेदी समेत चार लोगों को नियमित जमानत दे दी। अदालत ने प्रत्येक आरोपी को 10 लाख रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि के दो सक्षम जमानतदार प्रस्तुत करने की शर्त पर रिहा करने का आदेश दिया।
बचाव पक्ष ने उठाए कई अहम सवाल
सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने सिद्धार्थ सिंघानिया की भूमिका को लेकर अदालत का ध्यान आकर्षित किया। उनका कहना था कि संबंधित कंपनी के मैनपावर कॉन्ट्रैक्ट का संचालन सिद्धार्थ सिंघानिया कर रहे थे, लेकिन उन्हें आरोपी बनाने के बजाय गवाह बनाया गया। वहीं कंपनी के निदेशकों को आरोपी बनाया गया, जबकि उनकी भूमिका अलग बताई गई।
बचाव पक्ष ने यह भी दलील दी कि शराब घोटाले के मूल मामले में संजीव जैन को गवाह बनाया गया था, लेकिन उसी प्रकरण से जुड़े कथित ओवरटाइम स्कैम में उन्हें आरोपी बना दिया गया।
यह भी पढ़े : SAIL Recruitment 2026: राउरकेला स्टील प्लांट में 1110 पदों पर बंपर भर्ती, बिना परीक्षा होगा चयन, स्टील सेक्टर में नौकरी का मौका
जांच पूरी होने का दिया हवाला Liquor Scam
बचाव पक्ष ने अदालत को बताया कि मामले की जांच पूरी हो चुकी है और 18 मई 2026 को चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। आरोपियों ने जांच के दौरान आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा के नोटिस पर लगातार उपस्थिति दर्ज कराई और जांच में सहयोग भी किया। इसके बावजूद एफआईआर दर्ज होने के करीब 18 महीने बाद 4 मई 2026 को उनकी गिरफ्तारी की गई।
समानता के आधार पर भी मांगी गई राहत
सुनवाई के दौरान यह भी बताया गया कि इसी मामले के एक अन्य सह आरोपी को पहले ही हाईकोर्ट से नियमित जमानत मिल चुकी है। ऐसे में समानता के सिद्धांत के आधार पर चारों आरोपियों को भी जमानत दिए जाने की मांग की गई।
यह भी पढ़े : Shivnath River Accident : जन्मदिन मनाने पहुंचे दो बालक नदी में बहे, एक का शव मिला
हाईकोर्ट ने क्या कहा
सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने माना कि उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर आरोपियों की कथित भूमिका प्रत्यक्ष रूप से स्पष्ट (Liquor Scam) नहीं होती। अदालत ने यह भी कहा कि मामले में जांच पूरी हो चुकी है, चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है और आरोपी लंबे समय से न्यायिक हिरासत में हैं। इन परिस्थितियों को देखते हुए अदालत ने नियमित जमानत देने के पर्याप्त आधार मानते हुए चारों आरोपियों को राहत प्रदान की।




