सीजी भास्कर, 04 अगस्त : 500 करोड़ रुपये का ठेका दिलाने का झांसा देकर दिल्ली के कारोबारी से 15 करोड़ रुपये की कथित ठगी के मामले में गिरफ्तार कृष्ण कुमार (KK Srivastava Case) श्रीवास्तव को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच में कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं। जांच एजेंसी के अनुसार, आरोपी ने पीड़ित कारोबारी को सिर्फ 3.40 करोड़ रुपये वापस किए, जबकि बाकी रकम कथित तौर पर शेल कंपनियों के नेटवर्क के जरिए विदेश भेजी गई।
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500 करोड़ के ठेके का झांसा देकर ली रकम
ED ने यह कार्रवाई वर्ष 2023 में दिल्ली की कंपनी रावत एसोसिएट्स के संचालक अर्जुन सिंह रावत की शिकायत के आधार पर शुरू की थी। रावत ने रायपुर के तेलीबांधा थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी।
शिकायत के अनुसार, जून 2023 में KK श्रीवास्तव ने रायपुर स्मार्ट सिटी परियोजना में 500 करोड़ रुपये के उप-ठेके का दावा किया था। इसके लिए कारोबारी से परफॉर्मेंस सिक्योरिटी के नाम पर 15 करोड़ रुपये जमा कराए गए थे। आरोप है कि भरोसा दिलाने के लिए फर्जी दस्तावेज भी दिखाए गए।
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शेल कंपनियों के जरिए विदेश भेजी गई रकम
ED के मुताबिक, जांच में सामने आया कि कथित ठगी की रकम (KK Srivastava Case) को कई स्तरों पर घुमाया गया। शेल कंपनियों और अन्य संस्थाओं के जरिए धन की लेयरिंग की गई और इसे कथित रूप से दुबई (यूएई), हांगकांग, चीन और सिंगापुर भेजा गया। जांच एजेंसी का दावा है कि रकम को मालभाड़ा और कंटेनर लीजिंग जैसे फर्जी व्यावसायिक लेन-देन के रूप में दिखाकर विदेश ट्रांसफर किया गया।
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लौटाए गए पैसे भी लेयरिंग किए गए फंड से
ED ने जांच में यह भी दावा किया है कि कारोबारी को वापस किए गए 3.40 करोड़ रुपये भी कथित तौर पर इसी लेयरिंग किए गए धन से जुटाए गए थे, ताकि भुगतान को सामान्य कारोबारी लेन-देन के रूप में दिखाया जा सके। एजेंसी के अनुसार, अब भी करीब 11.60 करोड़ रुपये की राशि वापस नहीं की गई है।
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पांच बैंक खातों में ट्रांसफर कराई गई रकम
जांच (KK Srivastava Case) में यह भी पता चला कि 15 करोड़ रुपये की रकम पांच अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर कराई गई थी। इन खातों की जानकारी कथित तौर पर व्हाट्सएप के माध्यम से भेजी गई थी।
ED के अनुसार, जांच में सामने आया कि कुछ खाते ऐसे लोगों के नाम पर थे, जिन्हें कथित लेन-देन की जानकारी नहीं थी। वहीं, जिन संस्थाओं के नाम पर खाते खोले गए थे, वे अपने पंजीकृत पते पर मौजूद नहीं मिलीं।
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7 अगस्त तक ED रिमांड पर आरोपी
ED ने 30 जुलाई को KK श्रीवास्तव को गिरफ्तार किया था। इसके बाद पीएमएलए की विशेष अदालत ने आरोपी को 7 अगस्त तक ED रिमांड पर भेजा है। फिलहाल जांच एजेंसी मामले से जुड़े अन्य लोगों, कंपनियों और विदेशों में हुए संभावित लेन-देन की पड़ताल कर रही है।
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