सीजी भास्कर, 10 अगस्त : छत्तीसगढ़ में 14 वर्ष की बालिकाओं को सर्वाइकल कैंसर से बचाने के लिए चलाया जा रहा HPV Vaccination अभियान तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रदेश में अब तक 1.66 लाख से अधिक पात्र बालिकाओं को एचपीवी वैक्सीन लगाई जा चुकी है। स्कूलों, समुदायों और अभिभावकों के बीच लगातार जागरूकता और संवाद का असर अब टीकाकरण की बढ़ती रफ्तार के रूप में दिखाई दे रहा है।
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अभियान के तहत कोरिया और बलरामपुर जिलों ने अपने निर्धारित लक्ष्य का 100 प्रतिशत टीकाकरण (HPV Vaccination) पूरा कर लिया है। इन दोनों जिलों में स्वास्थ्य एवं शिक्षा विभाग के अमले के साथ मितानिनों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने मिलकर पात्र बालिकाओं तक वैक्सीन पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।
इन जिलों की उपलब्धि को प्रदेश के दूसरे क्षेत्रों के लिए भी उदाहरण माना जा रहा है। विभाग का जोर अब उन जिलों में टीकाकरण की रफ्तार बढ़ाने पर है, जहां अभी निर्धारित लक्ष्य पूरा नहीं हुआ है।
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अभिभावकों की बढ़ी भागीदारी
अभियान (HPV Vaccination) की शुरुआत में कुछ अभिभावकों के बीच एचपीवी वैक्सीन की सुरक्षा, जरूरत और प्रभाव को लेकर सवाल थे। स्वास्थ्य विभाग की ओर से लगातार जानकारी और परामर्श दिए जाने के बाद अभिभावकों की भागीदारी बढ़ी है। अब प्रदेश के अधिकांश जिलों में रोज बड़ी संख्या में पात्र बालिकाओं का टीकाकरण किया जा रहा है। स्कूलों में जागरूकता कार्यक्रमों और समुदाय स्तर पर संवाद के जरिए अभिभावकों को वैक्सीन के महत्व की जानकारी दी जा रही है।
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कम कवरेज वाले इलाकों में विशेष अभियान
जिन क्षेत्रों में टीकाकरण (HPV Vaccination) का कवरेज अपेक्षाकृत कम है, वहां विशेष जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। अभिभावकों के साथ बैठकें, स्कूल स्तर पर संवाद और घर-घर जाकर परामर्श जैसी गतिविधियों पर जोर दिया जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग और मैदानी अमले की कोशिश है कि पात्र बालिकाओं तक अभियान की जानकारी पहुंचाई जाए और टीकाकरण को लेकर किसी तरह की झिझक या भ्रम को दूर किया जाए। इसके चलते नए लाभार्थी लगातार अभियान से जुड़ रहे हैं और कवरेज में वृद्धि हो रही है।
एचपीवी संक्रमण से बचाव में वैक्सीन अहम
एचपीवी संक्रमण को सर्वाइकल कैंसर का प्रमुख कारण माना जाता है। एचपीवी वैक्सीन इस संक्रमण से होने वाले सर्वाइकल कैंसर के जोखिम को कम करने के लिए प्रभावी बचाव का माध्यम है। विश्व स्वास्थ्य संगठन समेत कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य संस्थाएं एचपीवी टीकाकरण की उपयोगिता और सुरक्षा को मान्यता देती हैं। इसी वजह से दुनिया के कई देशों में एचपीवी टीकाकरण सार्वजनिक स्वास्थ्य कार्यक्रमों का हिस्सा है। कम उम्र में टीकाकरण कराने का उद्देश्य संक्रमण से पहले सुरक्षा प्रदान करना है।
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हर पात्र बालिका तक सुरक्षा कवच पहुंचाने का लक्ष्य
अभियान का उद्देश्य केवल निर्धारित संख्या पूरी करना नहीं है। विभाग का लक्ष्य प्रदेश की हर पात्र बालिका तक सर्वाइकल कैंसर से बचाव का सुरक्षा कवच पहुंचाना है। इसी उद्देश्य से टीकाकरण के साथ जागरूकता गतिविधियां भी लगातार संचालित की जा रही हैं। स्कूलों और समुदायों के स्तर पर स्वास्थ्य कर्मियों की मदद से अभिभावकों को वैक्सीन से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है।
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आगे और तेज होगी टीकाकरण की रफ्तार
आने वाले दिनों में शेष पात्र बालिकाओं को भी टीकाकरण से जोड़ने के प्रयास तेज किए जाएंगे। कोरिया और बलरामपुर में 100 प्रतिशत लक्ष्य हासिल होना अभियान की महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
वहीं अन्य जिलों में लगातार बढ़ती प्रगति लोगों की बढ़ती जागरूकता और भागीदारी को दर्शाती है। स्वास्थ्य विभाग का प्रयास है कि अभियान के अगले चरण में शेष पात्र बालिकाओं तक भी समय पर पहुंच बनाई जाए।
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