सीजी भास्कर, 1 अगस्त : बिलासपुर में स्वास्थ्य सेवाओं (Health Alert Group ) की समीक्षा बैठक के दौरान कलेक्टर संजय अग्रवाल ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को फील्ड स्तर पर सक्रिय होकर काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने गर्भवती महिलाओं के कम पंजीयन, कुष्ठ उन्मूलन अभियान की धीमी प्रगति और कमजोर मॉनिटरिंग पर नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। साथ ही सभी पात्र गर्भवती महिलाओं का शत-प्रतिशत पंजीयन, संस्थागत प्रसव और बच्चों का पूर्ण टीकाकरण सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
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हर गांव में बनेगा 10 सदस्यीय हेल्थ अलर्ट ग्रुप
बारिश के मौसम में मलेरिया और अन्य संक्रामक बीमारियों (Health Alert Group ) की रोकथाम के लिए प्रत्येक गांव में 10 सदस्यीय हेल्थ अलर्ट ग्रुप (Health Alert Group) बनाया जाएगा। इस समूह में सरपंच, पंच, शिक्षक, मितानिन और जागरूक नागरिकों को शामिल किया जाएगा। निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी बीमारी की सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंचकर जांच और उपचार शुरू करे।
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मलेरिया, टीबी और कुष्ठ उन्मूलन अभियान पर विशेष फोकस
कलेक्टर ने हेल्थ अलर्ट ग्रुप (Health Alert Group) के माध्यम से मलेरिया प्रभावित क्षेत्रों में रैपिड टेस्ट बढ़ाने, मोबाइल मेडिकल यूनिट की नियमित विजिट, आवश्यक दवाओं की उपलब्धता और टीबी उन्मूलन अभियान को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। साथ ही सभी ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त बनाने के लिए अधिक से अधिक निक्षय मित्र जोड़ने और स्वास्थ्य योजनाओं की ऑनलाइन एंट्री समय पर करने के निर्देश भी दिए।
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जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण, डॉक्टरों को चेतावनी
बैठक के बाद कलेक्टर ने जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान सुबह निर्धारित समय तक कई चिकित्सक अनुपस्थित मिले, जिस पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए जवाब-तलब किया और भविष्य में समय पर उपस्थित रहने की चेतावनी दी। कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि सरकारी अस्पतालों में संसाधनों की कोई कमी नहीं है, आवश्यकता केवल उनका बेहतर उपयोग कर मरीजों का भरोसा जीतने की है।
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ओपीडी से ऑपरेशन थिएटर तक व्यवस्थाओं का लिया जायजा
निरीक्षण के दौरान ओपीडी, विभिन्न वार्ड, डायलिसिस यूनिट, धनवंतरी मेडिकल स्टोर, नशा मुक्ति केंद्र, जिला पुनर्वास केंद्र, अस्पताल किचन और निर्माणाधीन मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर का निरीक्षण किया गया। डॉक्टरों और अस्पताल प्रबंधन को मरीजों के साथ सम्मानजनक व्यवहार और गुणवत्तापूर्ण उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
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कम मरीजों की संख्या पर जताई चिंता
कलेक्टर ने जिला अस्पताल में उपलब्ध संसाधनों के बावजूद मरीजों की अपेक्षाकृत कम संख्या पर चिंता व्यक्त की। विशेष रूप से नेत्र रोग विभाग और दंत रोग विभाग में प्रतिदिन कम मरीज आने पर उन्होंने स्कूलों और महाविद्यालयों में विशेष स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए, ताकि अधिक से अधिक लोगों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई जा सकें।
इसके अलावा तखतपुर विकासखंड में गर्भवती महिलाओं के कम पंजीयन, कुष्ठ उन्मूलन अभियान की धीमी प्रगति और फील्ड मॉनिटरिंग में लापरवाही पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करने के निर्देश भी दिए गए।
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