सीजी भास्कर, 12 अगस्त। बालाघाट जिले के बैगा आदिवासी इलाकों में बारिश के बीच बीमारी फैलने की खबरों ने चिंता बढ़ा (Baiga Health Crisis) दी है। मछुरदा, अडोरी, बोंदारी, कोरका और कुंडेकसा समेत कई गांवों में बुखार, दस्त, कमजोरी और संक्रमण से पीड़ित मरीज सामने आ रहे हैं। कुछ बच्चों की मौत की जानकारी के बाद स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है और मेडिकल टीमों को गांवों तक भेजा गया है।
इलाकों में स्वास्थ्यकर्मी घर घर जाकर मरीजों की जांच कर रहे हैं और जरूरत के अनुसार दवाएं दी जा रही हैं। ग्रामीणों को भी साफ पानी पीने, आसपास स्वच्छता रखने और बीमारी के शुरुआती लक्षण दिखाई देने पर तुरंत उपचार लेने की सलाह दी जा रही है। अधिकारियों के अनुसार फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन बारिश के मौसम को देखते हुए लगातार निगरानी रखी जा रही है।

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कुंडेकसा में बनाया गया अस्थायी स्वास्थ्य केंद्र Baiga Health Crisis
प्रभावित गांवों में कुंडेकसा की स्थिति ज्यादा गंभीर बताई जा रही है। मरीजों की संख्या को देखते हुए यहां सरकारी स्कूल में अस्थायी स्वास्थ्य केंद्र शुरू किया गया है। स्वास्थ्यकर्मी ग्रामीणों और बच्चों की जांच कर रहे हैं। गंभीर मरीजों को उनकी स्थिति के अनुसार अस्पताल भेजा जा रहा है।
प्रभावित क्षेत्रों में मलेरिया, टायफाइड, डायरिया और त्वचा संबंधी संक्रमण के मरीज सामने आए हैं। बारिश के दौरान दूषित पानी, मच्छरों की बढ़ती संख्या और साफ सफाई की कमी से संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ जाता है। इसी को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ग्रामीणों को सावधानी बरतने के लिए जागरूक कर रहा है।
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बीमारी के साथ अंधविश्वास भी चुनौती
स्वास्थ्य विभाग के सामने बीमारी के अलावा अंधविश्वास भी बड़ी चुनौती बनकर सामने आया है। बताया जा रहा है कि कुछ परिवार बीमारी को देवी देवताओं का प्रकोप मानकर अस्पताल जाने के बजाय झाड़ फूंक और पारंपरिक उपचार का सहारा लेते हैं। इससे सही इलाज मिलने में देरी हो सकती है और मरीज की हालत गंभीर होने का खतरा बढ़ जाता है।
हाल ही में बीमारी ठीक करने के नाम पर मुर्गों की बलि दिए जाने की जानकारी भी सामने आई है। स्वास्थ्यकर्मी ग्रामीणों को लगातार समझा रहे हैं कि तेज बुखार, उल्टी दस्त, अत्यधिक कमजोरी या शरीर पर संक्रमण जैसे गंभीर लक्षण दिखाई देने पर घरेलू उपचार और झाड़ फूंक में समय न गंवाएं।
ऐसे लक्षण होने पर तुरंत स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल पहुंचने की सलाह दी जा रही है।
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96 बच्चे अस्पताल में भर्ती Baiga Health Crisis
सरकारी आंकड़ों के अनुसार प्रभावित क्षेत्रों से अब तक 96 बच्चों को गंभीर हालत में सिविल अस्पताल बैहर और जिला अस्पताल बालाघाट में भर्ती कराया गया है। इनमें 51 बच्चों को इलाज के बाद स्वस्थ होने पर अस्पताल से छुट्टी दी जा चुकी है, जबकि 45 बच्चों का उपचार अभी जारी है।
मेडिकल टीमें प्रभावित गांवों का लगातार दौरा कर रही हैं। स्वास्थ्यकर्मी मरीजों की जांच के साथ उनके स्वास्थ्य की स्थिति पर भी नजर रख रहे हैं। विभाग का कहना है कि बीमारी की समय पर पहचान और उपचार मिलने से गंभीर स्थिति से बचा जा सकता है।
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बच्चों की मौत के बाद बढ़ी चिंता
कुछ बच्चों की मौत की जानकारी सामने आने के बाद बैगा अंचल में चिंता का माहौल है। दुर्गम क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता और मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाने को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
पूर्व सांसद कंकर मुंजारे ने प्रभावित गांवों का दौरा कर स्थिति (Baiga Health Crisis) का जायजा लिया। उन्होंने बीमारी की स्थिति को देखते हुए विशेष कार्यबल बनाने और बीमारी से जान गंवाने वाले बच्चों के परिवारों को मुआवजा देने की मांग की है। उनका कहना है कि प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत करने की जरूरत है।
फिलहाल स्वास्थ्य विभाग का पूरा जोर प्रभावित गांवों में मरीजों की पहचान, तत्काल उपचार, गंभीर मरीजों को अस्पताल पहुंचाने और ग्रामीणों को जागरूक करने पर है। बारिश के दौरान संक्रमण का खतरा बना हुआ है। ऐसे में बीमारी पर नियंत्रण के साथ झाड़ फूंक और अंधविश्वास के कारण इलाज में होने वाली देरी को रोकना भी प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती है।



