सीजी भास्कर, 19 अगस्त : छत्तीसगढ़ भाजपा में नए प्रदेश प्रभारी की नियुक्ति को लेकर सियासी हलचल फिर तेज हो गई है। भाजपा के वरिष्ठ नेता और विधायक अजय चंद्राकर ने संकेत दिया है कि प्रदेश को जल्द नया प्रभारी मिल सकता है। उन्होंने कहा कि नियुक्ति का अधिकार पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के पास है और नेतृत्व जब उचित समझेगा, तब फैसला लिया जाएगा। उनके बयान के बाद भाजपा प्रभारी नियुक्ति (BJP Chhattisgarh Incharge) को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
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भाजपा प्रभारी की नियुक्ति पर बड़ा संकेत
मीडिया से बातचीत में अजय चंद्राकर से छत्तीसगढ़ में भाजपा प्रभारी की नियुक्ति को लेकर सवाल किया गया। उन्होंने कहा कि जिस तरह अन्य राज्यों में प्रभारी नियुक्त किए जा रहे हैं, उसी तरह छत्तीसगढ़ में भी जल्द नियुक्ति हो सकती है।
चंद्राकर ने कहा कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के पास प्रभारी नियुक्त करने का अधिकार है। जब उन्हें उचित लगेगा, वे सोच-समझकर फैसला करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि जो भी नया प्रभारी आएगा, अच्छा ही होगा।
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कांग्रेस के ‘पोस्टर में विकास’ वाले तंज पर पलटवार
छत्तीसगढ़ में भाजपा सरकार के ढाई साल पूरे होने के बाद कांग्रेस लगातार सरकार के कामकाज पर सवाल उठा रही है। कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा सरकार का विकास जमीन पर कम और पोस्टरों में ज्यादा दिखाई देता है।
कांग्रेस के इस तंज पर अजय चंद्राकर ने पलटवार करते हुए पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के विकास मॉडल पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अपने शासनकाल के विकास को ही विकास मानती है। चंद्राकर ने तंज कसते हुए कहा कि अगर कांग्रेस उसी को विकास समझती है, तो भगवान छत्तीसगढ़ को कांग्रेस से बचाए।
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‘कांग्रेस का विकास मॉडल अलग है’
अजय चंद्राकर ने कांग्रेस के शासनकाल को लेकर तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का विकास मॉडल अलग रहा है। इसी दौरान उन्होंने जेल से जुड़े मुद्दे का भी जिक्र किया।
चंद्राकर ने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस के समय जेल को तीर्थ स्थल की तरह माना जाता था और लोग वहां जाने में गर्व महसूस करते थे। उनके इस बयान को कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में कानून-व्यवस्था और राजनीतिक मामलों को लेकर चलने वाली बहस से जोड़कर देखा जा रहा है।
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शिक्षा व्यवस्था पर भी कांग्रेस को घेरा
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज की ओर से शिक्षा व्यवस्था को लेकर दिए गए बयान पर भी चंद्राकर ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में जो भी समस्याएं हैं, उन पर ध्यान देने की जरूरत है।
उन्होंने शिक्षा से जुड़े मुद्दों को व्यापक स्तर पर उठाते हुए कहा कि पूरे देश में शिक्षा व्यवस्था को लेकर चर्चा हो रही है। चंद्राकर ने युवाओं की जागरूकता का जिक्र करते हुए शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषय पर गंभीरता से काम करने की जरूरत बताई।
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दीपक बैज के ‘रील’ बयान पर भी निशाना
शिक्षा मंत्री के सोशल मीडिया पर रील बनाने में व्यस्त रहने संबंधी दीपक बैज के बयान पर भी अजय चंद्राकर ने पलटवार किया। उन्होंने दीपक बैज को ‘रील का नेता’ बताते हुए कांग्रेस की आंतरिक राजनीति पर निशाना साधा।
चंद्राकर ने कहा कि दीपक बैज को सार्वजनिक तौर पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को अपना नेता मानने में परेशानी होती है। उनके इस बयान के जरिए भाजपा नेता ने कांग्रेस के नेतृत्व और अंदरूनी राजनीति पर भी हमला बोला।
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भाजपा-कांग्रेस के बीच बढ़ी सियासी बयानबाजी
सरकार के ढाई साल पूरे होने के साथ ही छत्तीसगढ़ में भाजपा और कांग्रेस के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। कांग्रेस सरकार के कामकाज और विकास को लेकर सवाल उठा रही है, जबकि भाजपा नेता कांग्रेस सरकार के पुराने कार्यकाल और उसके विकास मॉडल पर पलटवार कर रहे हैं।
इसी राजनीतिक माहौल के बीच भाजपा प्रभारी (BJP Chhattisgarh Incharge) की संभावित नियुक्ति का मुद्दा भी चर्चा में आ गया है। अजय चंद्राकर के बयान ने इस संभावना को और मजबूत किया है कि भाजपा केंद्रीय नेतृत्व जल्द ही छत्तीसगढ़ के नए प्रभारी के नाम पर फैसला कर सकता है।
हालांकि, अभी किसी नाम या नियुक्ति की तारीख को लेकर आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। अंतिम फैसला भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व को ही लेना है। फिलहाल चंद्राकर के बयान से साफ है कि छत्तीसगढ़ भाजपा में नए प्रभारी की नियुक्ति को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं।
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