सीजी भास्कर, 19 अगस्त : छत्तीसगढ़ भाजपा में संगठनात्मक बदलाव की चर्चा तेज हो गई है। केंद्रीय संगठन में बदलाव के बाद अब प्रदेश भाजपा में भी नई जिम्मेदारियों को लेकर हलचल बढ़ी है। कार्यकारी अध्यक्ष की नियुक्ति के साथ लंबे समय से खाली प्रदेश प्रभारी के पद पर भी नया चेहरा आने की संभावना जताई जा रही है। इस भाजपा संगठनात्मक फेरबदल (BJP Organizational Reshuffle) के बीच कई वरिष्ठ नेताओं के नाम चर्चा में हैं।
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कार्यकारी अध्यक्ष के चयन में क्षेत्रीय समीकरण अहम
कार्यकारी अध्यक्ष की नियुक्ति में भाजपा नेतृत्व के सामने संगठनात्मक क्षमता के साथ क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन साधने की चुनौती भी होगी। वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव बस्तर संभाग से आते हैं। ऐसे में मैदानी क्षेत्र से किसी अनुभवी नेता को कार्यकारी अध्यक्ष की जिम्मेदारी मिलती है, तो इसे संगठन में क्षेत्रीय संतुलन बनाने की कोशिश के तौर पर देखा जा सकता है। भाजपा के भीतर यह भी माना जा रहा है कि नए कार्यकारी अध्यक्ष की जिम्मेदारी प्रदेश संगठन के रोजमर्रा के कामकाज और आगामी सांगठनिक गतिविधियों को गति देने की होगी।
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प्रदेश प्रभारी की नियुक्ति भी जल्द संभव
छत्तीसगढ़ भाजपा में प्रदेश प्रभारी का पद भी लंबे समय से चर्चा में है। बिहार के वरिष्ठ नेता नितिन नबीन प्रदेश भाजपा के प्रभारी रहे हैं। राष्ट्रीय अध्यक्ष की जिम्मेदारी मिलने के बाद अब छत्तीसगढ़ के लिए नए प्रभारी की नियुक्ति की संभावना बढ़ गई है।
केंद्रीय संगठन की नई टीम सामने आने के बाद अब माना जा रहा है कि पार्टी नेतृत्व जल्द ही छत्तीसगढ़ के लिए नए प्रभारी के नाम का ऐलान कर सकता है। नए प्रभारी के सामने प्रदेश संगठन, सरकार और केंद्रीय नेतृत्व के बीच बेहतर तालमेल बनाने की अहम जिम्मेदारी होगी।
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संतोष पांडेय का नाम सबसे आगे
कार्यकारी अध्यक्ष की संभावित दौड़ में राजनांदगांव सांसद संतोष पांडेय का नाम प्रमुखता से चर्चा में है। वे लगातार दूसरी बार लोकसभा सांसद हैं। इसके अलावा वे प्रदेश भाजपा में महामंत्री की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं।
संगठन में लंबे अनुभव और केंद्रीय नेतृत्व के साथ बेहतर समन्वय को संतोष पांडेय की बड़ी ताकत माना जा रहा है। इसी वजह से कार्यकारी अध्यक्ष (BJP Organizational Reshuffle) के लिए उनके नाम को लेकर पार्टी के भीतर चर्चा तेज है।
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शिवरतन शर्मा भी दावेदारों में
पूर्व विधायक और भाजपा के वरिष्ठ नेता शिवरतन शर्मा का नाम भी संभावित दावेदारों में शामिल है। संगठन और मैदानी राजनीति में उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है।
शिवरतन शर्मा लंबे समय से पार्टी के जमीनी कार्यकर्ताओं के बीच सक्रिय रहे हैं। संगठनात्मक अनुभव और कार्यकर्ताओं के साथ संपर्क को देखते हुए उन्हें भी कार्यकारी अध्यक्ष पद के लिए मजबूत चेहरों में गिना जा रहा है।
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फैसला केंद्रीय नेतृत्व के हाथ में
फिलहाल कार्यकारी अध्यक्ष या नए प्रदेश प्रभारी के नाम को लेकर भाजपा की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व की ओर से अंतिम फैसला लिया जाना है।
हालांकि, प्रदेश संगठन में बदलाव की चर्चाओं ने भाजपा की सियासत को गर्म कर दिया है। BJP Organizational Reshuffle के तहत यदि कार्यकारी अध्यक्ष और प्रदेश प्रभारी की नियुक्ति होती है, तो इसका असर आगामी संगठनात्मक गतिविधियों और प्रदेश की राजनीतिक रणनीति पर भी देखने को मिल सकता है।
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