सीजी भास्कर, 06 सितंबर। शिक्षक दिवस के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह में प्रदेश के उत्कृष्ट शिक्षकों को सम्मानित (Rajya Shikshak Samman Samaroh) किया गया। इस अवसर पर राज्यपाल रमेन डेका और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले शिक्षकों को पुरस्कार प्रदान किए। समारोह के दौरान राज्यपाल ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते प्रभाव पर भी महत्वपूर्ण बात कही और स्पष्ट किया कि AI को सहायक के रूप में अपनाना चाहिए, नियंत्रक के रूप में नहीं।
- तकनीक जरूरी, लेकिन मानवीय मूल्यों का कोई विकल्प नहीं Rajya Shikshak Samman Samaroh
- AI आधारित स्मार्ट स्कूलों की दिशा में बढ़ रहा छत्तीसगढ़
- नई पीढ़ी और राष्ट्र निर्माण में शिक्षकों की अहम भूमिका
- युक्तियुक्तकरण के बाद कोई स्कूल शिक्षकविहीन नहीं
- बस्तर में स्थानीय बोली से शिक्षा, एजुकेशन सिटी की भी पहल
- शिक्षक ही देते हैं तकनीक को सही दिशा
वर्ष 2025-26 के लिए प्रदेश के 63 उत्कृष्ट शिक्षकों को राज्यपाल पुरस्कार और चार शिक्षकों को राज्य शिक्षक सम्मान स्मृति पुरस्कार से सम्मानित किया गया। वहीं, वर्ष 2026-27 के राज्य शिक्षक सम्मान के लिए 64 शिक्षकों का चयन किया गया है।

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तकनीक जरूरी, लेकिन मानवीय मूल्यों का कोई विकल्प नहीं Rajya Shikshak Samman Samaroh
राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि आज का दौर तेजी से बदलती तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का दौर है। ऐसे में शिक्षकों और विद्यार्थियों दोनों को नई तकनीकों से परिचित होना आवश्यक है। हालांकि, तकनीक का उपयोग विवेकपूर्ण तरीके से और मानवीय मूल्यों को केंद्र में रखकर किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि AI जानकारी और संसाधन उपलब्ध करा सकता है, लेकिन वह शिक्षक की भूमिका का विकल्प नहीं बन सकता। संस्कार, संवेदनशीलता, अनुशासन और जीवन में सही दिशा देने का काम केवल शिक्षक ही कर सकते हैं।
राज्यपाल ने शिक्षकों से विद्यार्थियों की व्यक्तिगत प्रतिभा पहचानने, उनकी रुचियों को समझने और बेहतर करियर मार्गदर्शन व काउंसलिंग उपलब्ध कराने की अपील भी की।
AI आधारित स्मार्ट स्कूलों की दिशा में बढ़ रहा छत्तीसगढ़
स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षा व्यवस्था में आधुनिक तकनीक और नए प्रयोगों को बढ़ावा दे रही है। इसी दिशा में AI आधारित स्मार्ट स्कूल विकसित करने की योजना पर काम किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि बदलते समय के साथ विद्यार्थियों को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। तकनीकी नवाचारों के माध्यम से शिक्षा को अधिक प्रभावी और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
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नई पीढ़ी और राष्ट्र निर्माण में शिक्षकों की अहम भूमिका
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने समारोह में शिक्षकों की भूमिका को नई पीढ़ी और राष्ट्र निर्माण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि शिक्षक केवल विद्यार्थियों को पढ़ाते ही नहीं, बल्कि उनके व्यक्तित्व और भविष्य को भी आकार देते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार और विद्यार्थियों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम कर रही है। सरकार का लक्ष्य प्रदेश के हर बच्चे तक बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं पहुंचाना है।
युक्तियुक्तकरण के बाद कोई स्कूल शिक्षकविहीन नहीं
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बताया कि युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया के बाद प्रदेश में अब कोई भी स्कूल शिक्षकविहीन नहीं है। इससे शिक्षकों की उपलब्धता और शिक्षा व्यवस्था को अधिक संतुलित बनाने में मदद मिली है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश के 341 स्कूलों का चयन पीएम श्री योजना के तहत किया गया है। इसके अलावा स्वामी विवेकानंद के नाम पर 150 नए स्कूल शुरू किए जा रहे हैं।
बस्तर में स्थानीय बोली से शिक्षा, एजुकेशन सिटी की भी पहल
राज्य सरकार बस्तर क्षेत्र की विशेष जरूरतों को ध्यान में रखते हुए स्थानीय बोली के माध्यम से प्रारंभिक शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में भी काम कर रही है। इसका उद्देश्य बच्चों को उनकी भाषा और स्थानीय परिवेश से जोड़ते हुए शिक्षा को अधिक सहज बनाना है।
इसके साथ ही ओरछा और जगरगुंडा में एजुकेशन सिटी विकसित करने की पहल की जा रही है। सरकार का मानना है कि इन प्रयासों से दूरस्थ और आदिवासी क्षेत्रों के विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक अवसर मिलेंगे।
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शिक्षक ही देते हैं तकनीक को सही दिशा
राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह के माध्यम से एक बार फिर यह संदेश सामने आया कि आधुनिक तकनीक शिक्षा को मजबूत बना सकती है, लेकिन उसका सही उपयोग सुनिश्चित करने के लिए शिक्षक की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है।
राज्यपाल रमेन डेका के शब्दों में, AI को शिक्षा का सहायक बनना चाहिए, नियंत्रक नहीं। तकनीक के साथ मानवीय मूल्यों का संतुलन ही भविष्य की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत और संवेदनशील बनाएगा।



