सीजी भास्कर, 8 सितंबर : दलीप ट्रॉफी 2026 के फाइनल में 15 साल के वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Sooryavanshi DRS) ने एक बार फिर अपनी क्रिकेटिंग समझ से सभी का ध्यान खींचा है। इस बार उन्होंने बल्ले से नहीं, बल्कि मैदान पर लिए गए एक अहम फैसले में अपनी सूझबूझ दिखाई। वैभव ने कप्तान ईशान किशन को रिव्यू लेने के लिए कहा और कप्तान ने उनकी बात मान ली। इसके बाद डीआरएस में ऐसा नतीजा आया कि साउथ जोन को बड़ा झटका लग गया।
ईस्ट जोन और साउथ जोन के बीच खेले जा रहे मुकाबले में रिकी भुई के खिलाफ कैच की अपील को अंपायर ने नकार दिया था। इसके बाद वैभव लगातार कप्तान से रिव्यू लेने के लिए कहते रहे। उनका ‘ले लो, ले लो’ कहना स्टंप माइक में भी सुनाई दिया और ईशान किशन ने आखिरकार डीआरएस ले लिया। यह फैसला (Vaibhav Sooryavanshi DRS) ईस्ट जोन के पक्ष में गया और भुई आउट करार दिए गए।
‘ले लो, ले लो…’ वैभव की बात पर ईशान ने लिया रिव्यू
साउथ जोन की पारी के शुरुआती ओवरों में मुकेश कुमार की गेंद रिकी भुई के बल्ले और पैड के करीब से निकली। ईस्ट जोन के खिलाड़ियों ने कैच की जोरदार अपील की, लेकिन मैदानी अंपायर ने आउट नहीं दिया।
इसके बाद विकेटकीपर कुमार कुशाग्र और स्लिप में खड़े वैभव सूर्यवंशी को लगा कि गेंद बल्ले का किनारा लेकर गई है। वैभव ने कप्तान ईशान किशन से रिव्यू लेने के लिए कहा और लगातार ‘ले लो, ले लो’ कहते रहे। ईशान ने उनकी सलाह मानते हुए डीआरएस का इस्तेमाल किया।
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UltraEdge ने खोला राज, बल्ले से लगी थी गेंद
रिव्यू के दौरान अल्ट्राएज में गेंद के बल्ले के पास से गुजरते समय साफ स्पाइक दिखाई दिया। इससे पुष्टि हो गई कि गेंद ने बल्ले का किनारा लिया था। इसके बाद कैच की भी जांच की गई। विकेट के पीछे मौजूद कुमार कुशाग्र ने कैच को सुरक्षित तरीके से पूरा किया था। थर्ड अंपायर ने मैदानी अंपायर के फैसले को बदलते हुए रिकी भुई को आउट करार दे दिया। वह सिर्फ 1 रन बनाकर पवेलियन लौटे। इस तरह वैभव की सलाह (Vaibhav Sooryavanshi DRS) ईस्ट जोन के लिए शुरुआती सफलता में बदल गई।
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15 साल की उम्र में दिखी गजब की क्रिकेटिंग समझ
वैभव सूर्यवंशी अभी सिर्फ 15 साल के हैं, लेकिन मैदान पर उनकी भूमिका लगातार बड़ी होती जा रही है। दलीप ट्रॉफी के फाइनल में वह ईस्ट जोन के उपकप्तान की भूमिका निभा रहे हैं। इस मुकाबले में उनकी ऑन-फील्ड समझ और फैसले लेने की क्षमता खास तौर पर चर्चा में आ गई है।
कप्तान ईशान किशन ने भी वैभव की सलाह पर भरोसा किया और रिव्यू लिया। नतीजा सामने आने के बाद युवा खिलाड़ी का आत्मविश्वास सही साबित हुआ। यह घटना (Vaibhav Sooryavanshi DRS) बताती है कि वैभव सिर्फ आक्रामक बल्लेबाजी के लिए ही नहीं, बल्कि खेल को पढ़ने की क्षमता के लिए भी चर्चा में हैं।
बल्ले से भी कर चुके हैं प्रभावित
दलीप ट्रॉफी फाइनल की पहली पारी में वैभव ने 37 गेंदों पर 44 रन बनाए। उन्होंने 5 चौके और 1 छक्का लगाया। हालांकि वह अर्धशतक से पहले आउट हो गए, लेकिन ईस्ट जोन की पारी में उनका योगदान अहम रहा।
ईस्ट जोन ने पहली पारी में 708 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। कप्तान ईशान किशन ने 270 रन की शानदार पारी खेली, जबकि कुमार कुशाग्र ने 101 रन बनाए। इस बड़े स्कोर के बाद गेंदबाजी के दौरान भी ईस्ट जोन ने साउथ जोन पर दबाव बनाया और वैभव की सलाह (Vaibhav Sooryavanshi DRS) से मिली यह शुरुआती सफलता उसी दबाव का हिस्सा रही।
कम उम्र में बना चुके हैं खास पहचान
बिहार के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने बेहद कम उम्र में क्रिकेट की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई है। रणजी ट्रॉफी और आईपीएल में कम उम्र में पदार्पण करने के बाद अब वह घरेलू क्रिकेट में भी लगातार प्रभाव छोड़ रहे हैं।
दलीप ट्रॉफी फाइनल में उनकी बल्लेबाजी के साथ-साथ मैदान पर दिखाई गई समझ ने एक और पहलू सामने रखा है। रिकी भुई के खिलाफ रिव्यू के दौरान वैभव का आत्मविश्वास और कप्तान को मनाने की क्षमता चर्चा का विषय बन गई है। इस पूरे घटनाक्रम में (Vaibhav Sooryavanshi DRS) उनकी क्रिकेटिंग समझ ने सबसे ज्यादा ध्यान खींचा।
🗣️ Take it…take it
Vaibhav Sooryavanshi 🤝 Review
The vice-captain urges the captain to take the review, and it turns out to be successful 🙌
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— BCCI Domestic (@BCCIdomestic) September 8, 2026
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