सीजी भास्कर, 11 सितम्बर। बिलासपुर में साइबर ठगी के पैसों के लेनदेन के लिए बैंक खातों के इस्तेमाल का मामला सामने आया है। रेंज साइबर थाना पुलिस ने म्यूल बैंक अकाउंट के जरिए साइबर ठगों तक ठगी की रकम पहुंचाने वाले गिरोह के 6 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। (Mule Bank Account Fraud)
पुलिस के मुताबिक, छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक के सांवरिया इंटरप्राइजेस और अजय फार्म हाउस के खातों में महज 25 दिनों के भीतर 2 करोड़ 32 लाख रुपए से ज्यादा का लेनदेन हुआ। जांच में इन खातों का कनेक्शन साइबर ठगी के मामलों से सामने आया।
आरोप है कि गिरोह के सदस्य लोगों को 20 से 25 हजार रुपए कमीशन और ट्रांजेक्शन पर 2.8 प्रतिशत हिस्सेदारी का लालच देकर बैंक खाते उपलब्ध कराते थे। इसके बाद खातों से जुड़े ऑनलाइन बैंकिंग एक्सेस का इस्तेमाल ठगी की रकम के लेनदेन के लिए किया जाता था।
बैंक ऑडिट से मिला सुराग : Mule Bank Account Fraud
मंगला शाखा की बैंक मैनेजर की शिकायत के बाद पुलिस ने खातों की जांच शुरू की। बैंक ऑडिट में दोनों खातों में बड़ी रकम के संदिग्ध लेनदेन की जानकारी सामने आई। इसके बाद बैंक से जुड़े रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेज पुलिस को सौंपे गए।
जांच आगे बढ़ने पर पुलिस ने खाताधारक अजय कुमार सोनी से पूछताछ की। पूछताछ के आधार पर पुलिस को नरेन्द्र कुर्रे और रायपुर निवासी देवेश कुमार दास उर्फ रोबिन समेत अन्य आरोपियों के बारे में जानकारी मिली।

12 राज्यों के 50 से ज्यादा मामलों से कनेक्शन
पुलिस जांच में इन बैंक खातों और आरोपियों का कनेक्शन 12 से ज्यादा राज्यों में दर्ज 50 से अधिक साइबर अपराधों से सामने आया है। इन मामलों में करीब 4 करोड़ रुपए की ठगी की रकम के लेनदेन की जानकारी पुलिस को मिली है।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी कमीशन के बदले बैंक खाते उपलब्ध कराते थे और इन खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी से हासिल रकम को ट्रांसफर करने के लिए किया जाता था।
6 आरोपी गिरफ्तार, आगे की जांच जारी : Mule Bank Account Fraud
मामले में पुलिस ने 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और बैंक खातों के नेटवर्क की भी जांच कर रही है।
साइबर ठगी के मामलों में किसी दूसरे व्यक्ति को अपना बैंक खाता, ATM, UPI या नेट बैंकिंग एक्सेस उपलब्ध कराना भी गंभीर कानूनी परेशानी का कारण बन सकता है। पुलिस इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य खातों और लेनदेन की भी जानकारी जुटा रही है।


