सीजी भास्कर, 15 सितंबर : छत्तीसगढ़ के एक गांव में नशे और जुए (Dhamtari Nasha Mukt Gaon) के खिलाफ ग्रामीणों ने ऐसा सख्त फैसला लिया है, जिसने पूरे इलाके का ध्यान खींचा है। शराब, गांजा या नशीली दवाओं की बिक्री करते पकड़े गए तो 20 हजार रुपए का अर्थदंड देना होगा। वहीं सार्वजनिक जगह पर नशा करने और सामूहिक रूप से जुआ खेलने वालों पर भी 1-1 हजार रुपए का अर्थदंड लगाने का निर्णय लिया गया है।
यह पहल धमतरी जिले के सिर्री गांव में शुरू की गई है। ग्राम पंचायत, ग्राम विकास समिति और श्रीराम हिंदू युवा संगठन ने मिलकर उपतहसील सिर्री को नशामुक्त और आदर्श गांव बनाने के लिए ग्रामीण स्तर पर यह प्रस्ताव पारित किया है। निर्णय के बाद बाजार चौक में कोटवार के माध्यम से मुनादी कराकर ग्रामीणों को अर्थदंड के प्रावधानों की जानकारी दी गई।
शराब बेचने पर 20 हजार
ग्रामीणों ने तय किया है कि नशामुक्त गांव का फैसला (Dhamtari Nasha Mukt Gaon) तोड़ने वालों पर अर्थदंड लगाया जाएगा। गांव में कोई व्यक्ति अवैध रूप से शराब, गांजा या नशीली दवाओं की बिक्री करते पाया गया तो उस पर 20 हजार रुपए का अर्थदंड लगेगा। वहीं चौक-चौराहों, खेल मैदानों और स्कूल परिसर में शराब, गांजा या नशीली दवाओं का सेवन करते पकड़े जाने पर 1 हजार रुपए का अर्थदंड देना होगा।
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सामूहिक रूप से जुआ खेलते पकड़े जाने वालों के लिए भी 1 हजार रुपए का अर्थदंड तय किया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कुछ समय से गांव में अवैध शराब, गांजा और अन्य नशीले पदार्थों की बिक्री बढ़ने की शिकायतें सामने आ रही थीं। इससे गांव के माहौल पर असर पड़ रहा था।
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नशे में विवाद से बढ़ी परेशानी
ग्रामीणों के मुताबिक सिर्री में नशे के खिलाफ अभियान (Dhamtari Nasha Mukt Gaon) की जरूरत इसलिए महसूस हुई क्योंकि नशे की हालत में लोग चौक-चौराहों पर गाली-गलौज और विवाद करते थे। इसका असर गांव के सामाजिक वातावरण के साथ-साथ युवाओं पर भी पड़ रहा था। इसी को देखते हुए ग्रामीणों ने बैठक बुलाकर सामूहिक रूप से सख्त निर्णय लिया।
ग्रामीणों का मानना है कि केवल पुलिस और प्रशासन से कार्रवाई की मांग करने के बजाय गांव के स्तर पर भी सामाजिक जिम्मेदारी तय करनी होगी। इसी सोच के साथ शराब और नशे की बिक्री, सेवन तथा जुए के खिलाफ अर्थदंड का प्रावधान किया गया है।
महिलाएं और युवा भी साथ
गांव को नशामुक्त बनाने की पहल (Dhamtari Nasha Mukt Gaon) में पुरुषों के साथ महिलाएं, युवा और युवतियां भी सहयोग कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सामूहिक भागीदारी से नशे के खिलाफ वातावरण तैयार किया जा सकता है। इसका उद्देश्य विशेष रूप से युवा पीढ़ी को शराब, गांजा और जुए जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रखना है।
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गांव के हृदयस्थल बाजार चौक में मुनादी कराकर अर्थदंड की जानकारी देना भी इसी अभियान का हिस्सा है। ग्रामीणों का कहना है कि निर्णय के बाद अवैध शराब बिक्री और खुले में शराब पीने की घटनाओं पर रोक लगाने की दिशा में प्रयास शुरू हो गया है।
अन्य गांवों को भी संदेश
ग्रामीणों का कहना है कि सिर्री को आदर्श गांव बनाने का अभियान (Dhamtari Nasha Mukt Gaon) केवल अपने गांव तक सीमित नहीं रहना चाहिए। यदि ऐसी पहल दूसरे गांवों में भी शुरू होती है तो नशे और जुए जैसी सामाजिक बुराइयों के खिलाफ व्यापक जागरूकता पैदा हो सकती है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और पुलिस विभाग से ऐसी पंचायतों को प्रोत्साहित और सम्मानित करने की भी मांग की है।
सरपंच देशांत सिन्हा, ग्राम पटेल सालिकराम साहू, ग्रामीण अध्यक्ष डीहू तारक, ग्रामीण सचिव कलीराम ध्रुव, श्रीराम हिंदू संगठन के अध्यक्ष राधेरमन साहू और अरुण विश्वकर्मा ने बताया कि गांव को नशामुक्त बनाने के लिए सभी वर्गों को साथ लेकर पहल की गई है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि सामूहिक प्रयास से सिर्री में नशे और जुए पर प्रभावी रोक लगाने में मदद मिलेगी।
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