सीजी भास्कर, 16 सितंबर : छत्तीसगढ़ में कौशल विकास (NSTI Chhattisgarh) को नई दिशा देने के साथ अनुभवी वर्ग के लिए भी अवसरों का दायरा बढ़ाने की तैयारी है। नवा रायपुर अटल नगर में नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (एनएसटीआई) की स्थापना से युवाओं को आधुनिक और रोजगारपरक प्रशिक्षण मिलेगा।
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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में मंत्रिपरिषद के हालिया निर्णयों के तहत एक ओर युवाओं के लिए आधुनिक कौशल का मंच तैयार किया जा रहा है। दूसरी ओर विभिन्न शासकीय एवं संबद्ध संस्थाओं में कार्यरत वर्गों के लिए अधिकतम आयु सीमा 38 से बढ़ाकर 45 वर्ष की गई है। रायपुर के ग्राम तेंदुवा में एनएसटीआई की स्थापना के लिए भारत सरकार के कौशल विकास एवं उद्यमशीलता निदेशालय को 10 एकड़ भूमि निःशुल्क आवंटित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है।
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डिग्री के साथ हुनर पर भी जोर
आज के दौर में युवाओं के लिए केवल डिग्री ही पर्याप्त नहीं है। उद्योगों की बदलती जरूरतों के बीच व्यावहारिक प्रशिक्षण और तकनीकी दक्षता का महत्व लगातार बढ़ रहा है। इसी जरूरत को देखते हुए एनएसटीआई की स्थापना (NSTI Chhattisgarh) को रोजगारपरक कौशल के विस्तार से जोड़कर देखा जा रहा है।
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संस्थान में आधुनिक शैक्षणिक, प्रशासनिक और छात्रावास सुविधाएं विकसित की जाएंगी। करीब 200 करोड़ रुपये की लागत से विकसित होने वाले संस्थान में दीर्घकालीन पाठ्यक्रमों के तहत हर साल करीब एक हजार और अल्पकालीन कार्यक्रमों में लगभग तीन हजार प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण दिया जा सकेगा।
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कौशल से रोजगार और उद्यमिता की राह
एनएसटीआई युवाओं को प्रशिक्षण के साथ बदलती तकनीक और उद्योगों की जरूरतों से जोड़ने में मदद करेगा। कौशल अब केवल नौकरी हासिल करने का माध्यम नहीं है, बल्कि आत्मनिर्भरता और उद्यमिता की दिशा में भी महत्वपूर्ण आधार बन सकता है। गांव और कस्बों के युवाओं को भी तकनीकी प्रशिक्षण और उद्यमशीलता के अवसर मिलेंगे। प्रशिक्षित युवा नौकरी तलाशने के साथ अपना उद्यम शुरू कर रोजगार देने की दिशा में भी आगे बढ़ सकता है।
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38 से बढ़कर 45 साल हुई अधिकतम आयु सीमा
आयु सीमा में बढ़ोतरी (NSTI Chhattisgarh) का निर्णय उन लोगों के लिए नए अवसरों का रास्ता खोलता है, जिनके पास वर्षों का कार्य अनुभव और व्यावहारिक ज्ञान है। अधिकतम आयु सीमा 38 से बढ़ाकर 45 वर्ष किए जाने से अनुभवी वर्ग को अपनी क्षमता का उपयोग करने के लिए अधिक अवसर मिलेंगे। वर्षों तक किसी व्यवस्था में काम करने वाले लोगों ने प्रक्रियाओं और चुनौतियों को करीब से समझा है। ऐसे अनुभव का उपयोग नई जिम्मेदारियों में किया जाना संस्थाओं की कार्यक्षमता बढ़ाने में सहायक हो सकता है।
युवा ऊर्जा और अनुभव का मेल
युवा कौशल और अनुभव (NSTI Chhattisgarh) का मेल विकास की प्रक्रिया को मजबूत आधार दे सकता है। युवा नई तकनीक और नए विचार लेकर आते हैं, जबकि अनुभवी वर्ग व्यावहारिक समझ और परिस्थितियों से निपटने का अनुभव रखता है। एनएसटीआई युवाओं के हुनर को मंच देने की दिशा में पहल है। वहीं आयु सीमा में वृद्धि अनुभवी लोगों की क्षमता को नए अवसरों से जोड़ने का प्रयास है।
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कौशल से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ता छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ का भविष्य केवल प्राकृतिक संसाधनों से नहीं, बल्कि प्रदेश के मानव संसाधन की क्षमता से भी तय होगा। जब युवाओं को कौशल का मंच और अनुभवी लोगों को अवसर मिलेगा, तो रोजगार और उद्यमिता के नए रास्ते तैयार हो सकते हैं। इन पहलों के जरिए कौशल से रोजगार, अनुभव से अवसर और अवसर से आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने का प्रयास किया जा रहा है।
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