सीजी भास्कर, 24 सितम्बर। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI का इस्तेमाल तेजी से पढ़ाई, स्वास्थ्य, कारोबार, रिसर्च और सैन्य क्षेत्र तक बढ़ रहा है। इसके बढ़ते प्रभाव के साथ इससे जुड़े संभावित खतरों को लेकर भी दुनिया भर में चिंता बढ़ रही है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक में टेक्नोलॉजी क्षेत्र के प्रमुखों और विशेषज्ञों ने AI के विकास और इस्तेमाल को लेकर मजबूत सुरक्षा नियम बनाने की जरूरत पर जोर दिया। (AI Safety Rules Warning)
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AI के नियंत्रण को लेकर जताई चिंता : AI Safety Rules Warning
बैठक में OpenAI के प्रमुख सैम ऑल्टमैन और Anthropic के प्रमुख डारियो अमोडेई समेत टेक इंडस्ट्री से जुड़े लोगों ने AI के अनियंत्रित विकास के संभावित जोखिमों पर चर्चा की। डारियो अमोडेई ने कहा कि अगर AI का सही तरीके से प्रबंधन नहीं किया गया तो यह पूरी मानवता के लिए खतरा बन सकती है।
सैम ऑल्टमैन ने भी AI के बढ़ते प्रभाव को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि इंसान भविष्य में अपने फैसलों और परिस्थितियों पर नियंत्रण खो सकते हैं। उन्होंने देशों के बीच सहयोग से ऐसी सुरक्षा व्यवस्था विकसित करने की जरूरत बताई, जिससे अत्यधिक शक्तिशाली AI सिस्टम भी मानव नियंत्रण में रहें।
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सैन्य और साइबर इस्तेमाल पर विशेष चिंता
बैठक में AI के सैन्य इस्तेमाल को लेकर भी चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने कहा कि AI का उपयोग जैविक हथियारों के विकास, साइबर हमलों और अन्य खतरनाक गतिविधियों के लिए न हो, इसके लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्पष्ट नियम जरूरी हैं। AI मॉडलों की क्षमता, सुरक्षा और संभावित जोखिमों (AI Safety Rules Warning) की नियमित जांच के लिए मानक तैयार करने की आवश्यकता भी बताई गई।
विशेषज्ञों के मुताबिक, अगर सैन्य प्रणालियों में AI को बहुत अधिक स्वायत्तता मिलती है और वह किसी गलत फैसले पर पहुंचता है, तो उसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं। इसी वजह से यह सवाल भी अहम हो गया है कि जीवन और मृत्यु से जुड़े महत्वपूर्ण फैसलों में इंसान की भूमिका किस तरह सुनिश्चित की जाए।
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स्वास्थ्य और रिसर्च में AI के फायदे भी सामने आए : AI Safety Rules Warning
बैठक में AI से होने वाले संभावित फायदों पर भी चर्चा हुई। स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार, वैज्ञानिक शोध, शिक्षा और संकट के समय जानकारी जुटाने में AI उपयोगी साबित हो सकती है। आपदा या युद्ध जैसी परिस्थितियों में खतरे की पहचान और राहत कार्यों को बेहतर बनाने में भी इसका इस्तेमाल किया जा सकता है।
इसी बीच साइबर सुरक्षा को लेकर सामने आए कुछ मामलों ने डिजिटल सिस्टम की सुरक्षा की चुनौती को भी रेखांकित किया है। ऑस्ट्रेलिया में कई स्वास्थ्य केंद्रों पर हुए साइबर हमले में मरीजों के नाम-पते, मेडिकेयर नंबर और मेडिकल रिपोर्ट जैसी संवेदनशील जानकारी चोरी होने की बात सामने आई थी। इस तरह की घटनाओं के बीच AI के सुरक्षित और जिम्मेदार इस्तेमाल के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नियम बनाने की मांग और महत्वपूर्ण हो गई है।
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