सीजी भास्कर, 26 सितंबर : अपने खर्च पर B.Ed, D.Ed या BTI प्रशिक्षण लेने वाले शिक्षकों को दो अग्रिम वेतन वृद्धि का लाभ नहीं मिलेगा। छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने इस मांग को खारिज कर दिया है। शिक्षकों की वेतन वृद्धि (BEd DEd Teachers) से जुड़े इस मामले में कोर्ट ने स्पष्ट किया कि ऐसे प्रशिक्षण के आधार पर दो अग्रिम वेतन वृद्धि पाने का कानूनी अधिकार नहीं है। हालांकि, पहले दी जा चुकी वेतन वृद्धि की राशि की भविष्य में वसूली होती है तो संबंधित शिक्षक उस आदेश को हाई कोर्ट में चुनौती दे सकेंगे। इस तरह कोर्ट ने रिकवरी के मामले में शिक्षकों के लिए आगे कानूनी रास्ता खुला रखा है।
तीन जिलों के शिक्षक
रायपुर-गरियाबंद-महासमुंद के शिक्षक (BEd DEd Teachers) इस मामले में याचिकाकर्ता थे। मामला इन जिलों की शासकीय प्राथमिक शालाओं में पदस्थ प्रधान पाठकों छतेंद्र सिंह ठाकुर, सुधीर सिंह ठाकुर और अन्य शिक्षकों से जुड़ा है। इन शिक्षकों ने अपने खर्च पर B.Ed, D.Ed या BTI प्रशिक्षण पूरा किया था। इसके बाद उन्होंने प्रशिक्षण के आधार पर दो अग्रिम वेतन वृद्धि देने के शासन के निर्णय को हाई कोर्ट में चुनौती दी थी।
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पुराने फैसलों का हवाला
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता ने दिनेश कुमार वर्मा बनाम छत्तीसगढ़ राज्य के मामले में दिए गए पुराने फैसले का हवाला दिया। इसी आधार पर शिक्षकों को दो अग्रिम वेतन वृद्धि का लाभ देने की मांग की गई। वहीं, शासन ने इसका विरोध करते हुए कहा कि स्वयं के खर्च पर B.Ed, D.Ed या BTI प्रमाणपत्र हासिल करने के आधार पर अग्रिम वेतन वृद्धि की पात्रता का मुद्दा पहले के न्यायिक फैसलों से स्पष्ट हो चुका है। शासन ने नीलम दुबे और दिनेश कुमार वर्मा से जुड़े मामलों का भी उल्लेख किया।
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कोर्ट ने क्या कहा
जस्टिस बिभु दत्ता गुरु की एकल पीठ ने दो अलग-अलग याचिकाओं पर सुनवाई की। कोर्ट ने माना कि स्वयं के खर्च पर प्रशिक्षण लेने के आधार पर दो अग्रिम वेतन वृद्धि पाने का अधिकार शिक्षकों को नहीं है। अग्रिम वेतन वृद्धि का दावा (BEd DEd Teachers) पहले के न्यायिक निर्णयों से निर्धारित हो चुका है। इसलिए इस आधार पर शिक्षकों को दो अतिरिक्त वेतन वृद्धि देने की मांग स्वीकार नहीं की गई।
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रिकवरी पर अभी आदेश नहीं
मामले में पहले से दी जा चुकी वेतन वृद्धि की राशि की संभावित वसूली का मुद्दा भी उठाया गया था। शासन ने कोर्ट को बताया कि फिलहाल याचिकाकर्ताओं के खिलाफ कोई औपचारिक रिकवरी आदेश जारी नहीं किया गया है। शासन ने तर्क दिया कि जब वसूली का कोई आदेश मौजूद ही नहीं है, तो इस संबंध में राहत मांगना समय से पहले है। कोर्ट ने भी वर्तमान स्थिति में रिकवरी पर अलग से राहत देने की आवश्यकता नहीं मानी।
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भविष्य में कोर्ट जा सकेंगे
वेतन वृद्धि की संभावित रिकवरी (BEd DEd Teachers) होने पर शिक्षकों के लिए कानूनी रास्ता बंद नहीं हुआ है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि भविष्य में शासन पहले भुगतान की गई राशि की वसूली का औपचारिक आदेश जारी करता है, तो संबंधित शिक्षक उस आदेश को हाई कोर्ट में चुनौती दे सकेंगे। इसका मतलब है कि अभी कोई रिकवरी आदेश जारी नहीं हुआ है। भविष्य में ऐसा आदेश जारी होने पर शिक्षक उसके खिलाफ अलग से न्यायिक चुनौती दे सकते हैं।
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फिलहाल क्या स्थिति
दो अग्रिम वेतन वृद्धि का लाभ (BEd DEd Teachers) स्वयं के खर्च पर B.Ed, D.Ed या BTI प्रशिक्षण लेने के आधार पर नहीं मिलेगा। हाई कोर्ट ने इस दावे को खारिज कर दिया है। वहीं, पहले मिल चुकी वेतन वृद्धि की राशि को लेकर भविष्य में यदि शासन कोई औपचारिक वसूली आदेश जारी करता है, तो संबंधित शिक्षक हाई कोर्ट का रुख कर सकेंगे।
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