सीजी भास्कर, 7 अक्टूबर : भिलाई नगर निगम में पेवर ब्लॉक निर्माण से जुड़ी वित्तीय अनियमितताओं के मामले ( Paver Block Scam ) में जांच का दायरा बढ़ गया है। 12.66 करोड़ रुपए के कथित घोटाले की जांच के बीच निगम ने अब 9 वरिष्ठ अधिकारियों को नोटिस जारी कर उनका अभिमत मांगा है। इससे निगम में खलबली मची हुई है।
निगम की ओर से पहले उप अभियंताओं और इसके बाद ठेकेदारों को नोटिस जारी किए गए थे। अब वरिष्ठ अधिकारियों को नोटिस दिए जाने के बाद मामले में आगे बड़ी कार्रवाई की संभावना बढ़ गई है।
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9 वरिष्ठ अफसरों को नोटिस
निगम ने मामले में कार्यपालन अभियंता कुलदीप गुप्ता, बीके वर्मा, रवि सिन्हा, अखिलेश चंद्राकर और संजय बागड़े को नोटिस जारी किया है। इनके अलावा सहायक अभियंता अरविंद शर्मा, वसीम खान, आलोक पसीना और आरएस राजपूत से भी जवाब मांगा गया है। अधिकारियों से पेवर ब्लॉक कार्यों से संबंधित उनकी भूमिका और पूरे मामले में उनका अभिमत मांगा गया है। जवाब मिलने के बाद ही जांच में जिम्मेदारी तय होने की स्थिति स्पष्ट होगी।
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33 कार्यों की फाइलों की हो रही जांच
पेवर ब्लॉक मामले ( Paver Block Scam ) में निगम के 33 कार्यों से संबंधित फाइलों की जांच की जा रही है। इनमें से 29 फाइलों की जांच पूरी होने की जानकारी सामने आई है। वहीं, तीन अन्य फाइलें मिलने के बाद उनका परीक्षण लोक निर्माण विभाग से कराने की तैयारी है। वर्ष 2023 में इन कार्यों से जुड़े 19 ठेकेदारों को भी नोटिस जारी कर उनका अभिमत मांगा गया है।
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जवाब के बाद तय होगी स्थिति
मामले में ठेकेदारों के प्रतिनिधिमंडल ने निगम आयुक्त से मुलाकात कर उन्हें नोटिस दिए जाने का कारण पूछा। आयुक्त ने प्रतिनिधिमंडल को जांच प्रक्रिया की जानकारी दी। अब अधिकारियों और ठेकेदारों के जवाब के बाद यह स्पष्ट होगा कि कार्यों में वास्तव में कितनी अनियमितता हुई और किस स्तर पर जिम्मेदारी बनती है। शिकायतकर्ता की ओर से मामले की राशि बढ़ने का दावा भी किया जा रहा है। इसकी पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी।
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जांच के बीच बिल और माप का काम प्रभावित
Paver Block Scam की जांच के बीच कुछ उप अभियंताओं के ठेकेदारों के बिल तैयार करने और कार्यों की माप से दूरी बनाने की बात सामने आई है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान यदि किसी कार्य में कमी पाई जाती है तो बाद में जिम्मेदारी तय हो सकती है। दूसरी ओर, ठेकेदारों का कहना है कि माप और बिल की प्रक्रिया प्रभावित होने से त्योहारी सीजन से पहले भुगतान अटक सकता है।
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शिकायत के बाद शुरू हुई थी जांच
पेवर ब्लॉक कार्यों को लेकर भाजपा पार्षद संतोष मौर्य ने सांसद विजय बघेल से शिकायत की थी। इसके बाद सांसद ने मामले की जांच के लिए कलेक्टर को पत्र लिखा था। कलेक्टर के निर्देश पर लोक निर्माण विभाग और ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के कार्यपालन अभियंताओं को शामिल कर जांच टीम बनाई गई। जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद कलेक्टर ने निगम आयुक्त को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। अब 9 वरिष्ठ अधिकारियों को नोटिस जारी होने के बाद Paver Block Scam मामले में जांच और कार्रवाई किस दिशा में आगे बढ़ती है, इस पर नजर बनी हुई है।
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