सीजी भास्कर, 30 सितंबर। कोरबा जिला अस्पताल में 8 महीने की गर्भवती महिला कविता और उसके गर्भस्थ बच्चे की मौत का मामला सामने (Korba Hospital) आया है। परिजनों ने इलाज में देरी और समय पर सिजेरियन या हायर सेंटर रेफर नहीं करने का आरोप लगाया है। अस्पताल प्रबंधन ने इन आरोपों को गलत बताया है।

परिजनों ने तीन दिन इंतजार कराने का लगाया आरोप Korba Hospital
24 सितंबर को प्रसव पीड़ा के बाद कविता को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से जिला अस्पताल रेफर किया गया था। परिजनों का कहना है कि वहां करीब तीन दिन तक सामान्य प्रसव का इंतजार कराया गया। सोमवार को लेबर रूम ले जाने के बाद महिला की तबीयत बिगड़ी और उसकी मौत हो गई।
डॉक्टर बोले- बच्चे की धड़कन पहले ही नहीं थी
मेडिकल कॉलेज के डॉ. आदित्य सिसोदिया ने कहा कि महिला को लगातार निगरानी और इलाज (Korba Hospital) दिया गया। उनके मुताबिक, लेबर रूम में ले जाने के समय बच्चे की धड़कन नहीं थी, इसलिए सिजेरियन का कोई औचित्य नहीं था। महिला को अचानक घबराहट और धड़कन तेज होने की शिकायत हुई थी।
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मामले की जांच के लिए टीम गठित की गई है और डॉ. आदित्य सिसोदिया को जांच अधिकारी बनाया गया है। पोस्टमॉर्टम और जांच रिपोर्ट के बाद ही मौत की वजह और लापरवाही के आरोपों की स्थिति स्पष्ट होगी।
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