सीजी भास्कर, 9 अक्टूबर : सरगुजा की श्याम घुनघुट्टा परियोजना (Shyam Ghungutta Project) किसानों के लिए सिंचाई का अहम साधन बनी हुई है। करीब 236 किलोमीटर लंबी नहर प्रणाली से 63 गांवों के खेतों तक पानी पहुंच रहा है। अल्प वर्षा के दौरान भी इस परियोजना से किसानों को खेती जारी रखने में मदद मिली है। वहीं, नहरों के जीर्णोद्धार और लाइनिंग पर 23.81 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं, जिससे जल वितरण व्यवस्था में सुधार हुआ है।

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63 गांवों तक पहुंचा पानी
श्याम घुनघुट्टा परियोजना (Shyam Ghungutta Project) की नहर प्रणाली सरगुजा जिले के 63 गांवों में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध करा रही है। बारिश कम होने पर खेतों में नमी बनाए रखना किसानों के लिए चुनौती बन जाता है। ऐसे में नहरों से पानी मिलने पर फसलों की सिंचाई के लिए अतिरिक्त सहारा मिलता है। वर्ष 2022-23 और 2023-24 में जिले में अल्प वर्षा की स्थिति बनी थी। उस दौरान परियोजना के माध्यम से किसानों को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराया गया। इससे वर्षा पर निर्भर खेती करने वाले किसानों को कृषि कार्य जारी रखने में सहायता मिली।

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35 साल पुरानी नहरों का सुधार
करीब 35 वर्ष पुरानी नहरों में समय के साथ दरारें पड़ गई थीं। कई जगह पानी का रिसाव और जलीय जीव-जंतुओं के बिल बनाने से नहरों को नुकसान पहुंचा था। इससे जल प्रवाह प्रभावित होता था और खेतों तक पानी पहुंचाने में कठिनाई होती थी। इन समस्याओं को दूर करने के लिए जल संसाधन विभाग ने नहरों के जीर्णोद्धार और लाइनिंग का काम कराया। इसके लिए 8 मार्च 2019 को 2,381.84 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई थी। करीब 23.81 करोड़ रुपये की लागत से कार्य पूरा होने के बाद नहरों की स्थिति और जल वितरण व्यवस्था में सुधार हुआ है।
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अंबिकापुर को भी जलापूर्ति
श्याम घुनघुट्टा परियोजना (Shyam Ghungutta Project) का लाभ केवल ग्रामीण क्षेत्रों की सिंचाई तक सीमित नहीं है। इससे अंबिकापुर नगर निगम को अमृत योजना के तहत प्रतिवर्ष 8.93 मिलियन घनमीटर पानी उपलब्ध कराया जा रहा है। इस पानी का उपयोग शहर की पेयजल जरूरतों को पूरा करने के लिए किया जाता है। इस तरह परियोजना ग्रामीण और शहरी, दोनों क्षेत्रों की जरूरतों में योगदान दे रही है। गांवों में किसानों को फसलों की सिंचाई के लिए पानी मिल रहा है, जबकि अंबिकापुर शहर की पेयजल आपूर्ति में भी इसकी अहम भूमिका है।
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बेहतर प्रबंधन से मजबूत व्यवस्था
पुरानी नहरों की मरम्मत और लाइनिंग से जल प्रवाह को व्यवस्थित बनाने में मदद मिली है। क्षतिग्रस्त हिस्सों का सुधार होने से पानी के वितरण में आने वाली बाधाओं को कम करने में सहायता मिली है। जल संसाधनों का संरक्षण और समय पर रखरखाव सिंचाई सुविधाओं को बनाए रखने के लिए जरूरी है। श्याम घुनघुट्टा परियोजना (Shyam Ghungutta Project) के तहत किए गए कार्य इसी दिशा में महत्वपूर्ण हैं। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत परियोजना की उपलब्धियों को जल संसाधनों के बेहतर प्रबंधन और जनसुविधाओं के विस्तार से जोड़कर प्रस्तुत किया गया है। करीब 236 किलोमीटर की नहर प्रणाली, 63 गांवों में सिंचाई सुविधा और अंबिकापुर को नियमित जल आपूर्ति इस परियोजना को सरगुजा के लिए महत्वपूर्ण बनाती है।
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