सीजी भास्कर, 12 अक्टूबर । छत्तीसगढ़ में जीवित लोगों को सरकारी रिकॉर्ड में मृत घोषित किए जाने के 100 से ज्यादा मामले सामने आए हैं। इसके कारण कई लोगों के राशन कार्ड निरस्त हो गए हैं, जबकि कुछ को पेंशन और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में परेशानी हो रही है। पीड़ित खुद को जीवित साबित करने और सरकारी दस्तावेजों में सुधार कराने के लिए दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं। मामलों में गलत रिकॉर्ड दर्ज होने के साथ-साथ फर्जी दस्तावेजों के जरिए संपत्ति और आर्थिक लाभ हासिल करने की आशंका भी जताई गई है। (CG Government Death Records)
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गलत रिकॉर्ड से राशन और सरकारी योजनाओं पर असर : CG Government Death Records
रायपुर के केलकरपारा निवासी शाकरा को सरकारी रिकॉर्ड में मृत घोषित कर दिया गया, जिसके बाद उनका बीपीएल राशन कार्ड निरस्त हो गया। पति की मृत्यु के बाद बुजुर्ग महिला अब रिकॉर्ड सुधरवाने के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगा रही हैं।
कांकेर जिले के चारामा निवासी हलीमा बानो को राशन कार्ड और महतारी वंदन योजना की ई-केवाईसी कराते समय पता चला कि सरकारी रिकॉर्ड में उन्हें मृत दर्ज किया गया है। पति के निधन के बाद वह भी दस्तावेजों में सुधार कराने के लिए परेशान हैं।
वहीं, भाटापारा के धुर्राबंधा निवासी चरण की मृत्यु सरकारी रिकॉर्ड में 15 फरवरी 1970 दर्ज है, जबकि उनका मृत्यु प्रमाण पत्र 7 अप्रैल 2026 को जारी किया गया। इस मामले में राजेश अग्रवाल ने एसडीएम से शिकायत की है। प्रशासन इसकी जांच कर रहा है।

संपत्ति और आर्थिक लाभ के लिए फर्जीवाड़े की आशंका
सामने आए मामलों (CG Government Death Records) में आशंका जताई गई है कि कुछ लोग संपत्ति हड़पने, वसीयत में बदलाव करने, जमीन की फर्जी बिक्री और बैंक खातों से रकम निकालने के लिए ऐसे दस्तावेजों का इस्तेमाल कर सकते हैं। फर्जी जीएसटी फर्म बनाकर कार्रवाई से बचने और व्यक्तिगत लाभ के लिए गलत रिकॉर्ड तैयार कराने की आशंका भी है।
वहीं, अधिकारियों की लापरवाही और बिना उचित सत्यापन के सरकारी रिकॉर्ड अपडेट किए जाने से भी ऐसी स्थितियां बन सकती हैं। शिकायत मिलने के बाद जिला स्तर पर जांच होती है, लेकिन दस्तावेजों की पड़ताल और रिकॉर्ड में सुधार की प्रक्रिया लंबी होने के कारण पीड़ितों को परेशानी उठानी पड़ती है। ऐसे मामलों का एकीकृत राज्यस्तरीय आंकड़ा भी उपलब्ध नहीं बताया गया है।
मतदाता सूची से नाम कटने पर बीएलओ से करें संपर्क : CG Government Death Records
विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान प्रदेश की पुरानी मतदाता सूची से 25 लाख से अधिक नाम हटाए जाने की जानकारी सामने आई है। इनमें करीब 6 लाख नाम मृत्यु के आधार पर काटे गए। कुछ जीवित लोगों ने भी खुद को मृत बताकर मतदाता सूची से नाम हटाए जाने की शिकायत की है।
निर्वाचन आयोग के अनुसार, मतदाता सूची में नाम कटने या गलत जानकारी दर्ज होने पर बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) के पास शिकायत की जा सकती है। इसके बाद सत्यापन कर नाम जोड़ने और त्रुटियों को सुधारने की प्रक्रिया अपनाई जा सकती है।
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सरकारी रिकॉर्ड में मृत दर्ज होने पर कैसे कराएं सुधार
यदि किसी जीवित व्यक्ति को सरकारी रिकॉर्ड में मृत घोषित कर दिया गया है, तो ग्रामीण क्षेत्र में पंचायत या जन्म-मृत्यु रजिस्ट्रार और शहरी क्षेत्र में नगर निगम या नगरपालिका कार्यालय में आवेदन किया जा सकता है। इसके साथ आधार कार्ड, पहचान पत्र और जीवित होने के प्रमाण प्रस्तुत करने होंगे। जरूरत पड़ने पर शपथ पत्र या अन्य सत्यापन भी मांगा (CG Government Death Records) जा सकता है।
जांच के बाद मृत्यु संबंधी गलत प्रविष्टि निरस्त कराने की प्रक्रिया अपनाई जा सकती है। यदि फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल की आशंका हो, तो पुलिस में शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। रिकॉर्ड में सुधार होने के बाद संबंधित आदेश के आधार पर राशन कार्ड, बैंक, जमीन और अन्य सरकारी योजनाओं से जुड़े दस्तावेज भी ठीक कराए जा सकते हैं।
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