सीजी भास्कर, 15 अक्टूबर : भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP Adani Controversy) को लेकर छत्तीसगढ़ की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता भूपेश बघेल ने अडानी के बीएसपी आने की चर्चा को लेकर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार देश की सार्वजनिक संपत्तियों को बेचने के अभियान पर काम कर रही है और अब उसकी नजर छत्तीसगढ़ की पहचान माने जाने वाले बीएसपी पर है। हालांकि, बीएसपी को बेचने या अडानी समूह द्वारा उसे खरीदने की किसी आधिकारिक घोषणा की पुष्टि इस बयान से हम नहीं कर रहे हैं। ये छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री का एक्स पर पोस्ट है।

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बीएसपी पर सियासी वार
भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दावा किया कि उन्हें अडानी के भिलाई इस्पात संयंत्र आने की जानकारी मिली है। उन्होंने इस दौरे को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि सार्वजनिक उपक्रमों को निजी हाथों में सौंपने की कोशिश की जा रही है। बघेल ने अपने पोस्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोलते हुए अडानी को उनका प्रिय खरीददार बताया। उनके इस बयान (BSP Adani Controversy) ने बीएसपी के भविष्य और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों को लेकर राजनीतिक बहस को हवा दे दी है।
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‘बीएसपी छत्तीसगढ़ की आत्मा’
पूर्व मुख्यमंत्री ने अपने पोस्ट में कहा कि बीएसपी केवल एक औद्योगिक संयंत्र नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की आत्मा है। उन्होंने चेतावनी दी कि छत्तीसगढ़वासी इसे किसी भी सूरत में बिकने नहीं देंगे। बघेल ने भाजपा नेताओं से भी कहा कि उन्हें समझ लेना चाहिए कि बीएसपी बिकाऊ नहीं है। उनका यह बयान (BSP Adani Controversy) सार्वजनिक क्षेत्र की संपत्तियों को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच जारी राजनीतिक टकराव को और तेज कर सकता है। बघेल ने साफ शब्दों में बीएसपी को बेचने के किसी भी संभावित कदम का विरोध किया है।
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मोदी सरकार पर निशाना
भूपेश बघेल ने केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि देश की महत्वपूर्ण सार्वजनिक संपत्तियों पर निजी कारोबारियों की नजर है। उन्होंने बीएसपी को छत्तीसगढ़ की औद्योगिक पहचान और लोगों की भावनाओं से जुड़ा संस्थान बताते हुए इसे बेचने के किसी भी प्रयास का विरोध किया। हालांकि, अडानी के संभावित दौरे का उद्देश्य क्या है और क्या बीएसपी के स्वामित्व या निजीकरण को लेकर कोई आधिकारिक प्रस्ताव है, इस बारे में उपलब्ध बयान में कोई दस्तावेजी जानकारी नहीं दी गई है। इसलिए बीएसपी को बेचने की बात फिलहाल बघेल के आरोप और आशंका के तौर पर ही सामने आई है।
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बीएसपी पर आगे क्या
भूपेश बघेल के बयान ने यह सवाल जरूर खड़ा किया है कि बीएसपी को लेकर अडानी के संभावित दौरे की वास्तविक वजह क्या है। क्या यह सामान्य औद्योगिक दौरा है या इसके पीछे कोई कारोबारी प्रस्ताव है, इस पर आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने आना बाकी है। फिलहाल कांग्रेस ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। बीएसपी के भविष्य को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले संबंधित पक्षों की आधिकारिक प्रतिक्रिया और दौरे के उद्देश्य की पुष्टि जरूरी होगी।
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