सीजी भास्कर, 13 अक्टूबर । छत्तीसगढ़ में नशीले पदार्थों की तस्करी और अवैध कारोबार पर रोक लगाने के लिए पुलिस मुख्यालय स्तर पर एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) की अलग विंग बनाई जाएगी। इसके लिए करीब 25 सदस्यों का प्रारंभिक सेटअप तैयार करने की योजना है। शासन से मंजूरी मिलने के बाद शुरुआती नियुक्तियां की जाएंगी, जबकि आगे चलकर टीम का विस्तार किया जाएगा। इस विंग का नेतृत्व डीजी या एडीजी रैंक के अधिकारी के हाथों में रहने का प्रस्ताव है। (Anti Narcotics Task Force)
पुलिस मुख्यालय में यह व्यवस्था सीआईडी और तकनीकी सेवा (साइबर) की तर्ज पर विकसित की जाएगी। इसमें आईजी, डीआईजी, एसपी, एएसपी, डीएसपी, टीआई और अन्य पुलिसकर्मी शामिल होंगे। इसका उद्देश्य नशे के कारोबार से जुड़े मामलों की जांच को प्रभावी बनाना, तस्करों की पहचान करना और उनके पूरे नेटवर्क तक पहुंचना है।
स्थानीय पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों के साथ करेगी समन्वय : Anti Narcotics Task Force
राज्य के कई जिलों में पहले से एएनटीएफ की इकाइयां गठित हैं, जो संबंधित पुलिस अधीक्षकों के अधीन काम करती हैं। अब पुलिस मुख्यालय स्तर पर अलग विंग बनने से राज्यभर में चल रही कार्रवाई की निगरानी और विभिन्न इकाइयों के बीच समन्वय किया जाएगा।
यह टीम स्थानीय पुलिस के साथ आबकारी विभाग, राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई), नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) और अन्य केंद्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर कार्रवाई करेगी। तस्करी की सप्लाई चेन से लेकर नशीले पदार्थों की खेती करने वालों तक पहुंचने की योजना है। संबंधित मामलों में कानून के अनुसार संपत्ति कुर्क करने और उसकी नीलामी जैसी कार्रवाई भी की जा सकती है।
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एडीजी अमित कुमार को मिली जिम्मेदारी, पहले चरण में 25 सदस्य
शासन ने पिछले महीने एडीजी अमित कुमार को एएनटीएफ की जिम्मेदारी सौंपी थी। उनके साथ डीआईजी पारुल माथुर और आईपीएस आकाश शुक्ला को भी दायित्व दिया गया है। अब टीम (Anti Narcotics Task Force) के निचले स्तर पर अधिकारियों और कर्मचारियों की नियुक्ति की जानी है। पहले चरण में एएसपी, डीएसपी, टीआई, एसआई, एएसआई और सिपाहियों सहित 25 सदस्यों की टीम तैयार करने की योजना है।
नशे के नेटवर्क को खत्म करने के लिए वर्ष 2029 तक का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके तहत तस्करी, अवैध बिक्री और सप्लाई नेटवर्क के खिलाफ अभियान तेज करने की तैयारी है। छत्तीसगढ़ को नशीले पदार्थों की तस्करी के मार्ग के रूप में देखे जाने के कारण राज्य में नेटवर्क तोड़ने पर विशेष ध्यान दिया जा सकता है।
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2025 में 1,288 मामले दर्ज, 2,342 लोग गिरफ्तार : Anti Narcotics Task Force
राज्य में वर्ष 2025 के दौरान नशीले पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 1,288 मामले दर्ज किए गए और 2,342 लोगों को गिरफ्तार किया गया। इस दौरान 16,999.7 किलोग्राम गांजा, 1,524 किलोग्राम डोडा, 1,259 ग्राम अफीम, 2.039 किलोग्राम हेरोइन, 23.56 ग्राम कोकीन और 70.46 ग्राम एमडीएमए जब्त किया गया। इसके अलावा अन्य नशीले पदार्थों की भी बड़ी मात्रा में जब्ती की गई।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मुख्यालय स्तर पर अलग टीम बनने से नशे के कारोबार से जुड़े मामलों में समन्वित कार्रवाई को मजबूती मिलेगी और तस्करी के नेटवर्क पर प्रभावी ढंग से शिकंजा कसने में मदद मिलेगी।
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