सीजी भास्कर, 16 अक्टूबर : छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के वनांचल में स्थित गौतम ऋषि पहाड़ (Gautam Rishi Pahad Tourism) को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की पहल शुरू हुई है। सेवा संकल्प अभियान के तहत कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने नगरी विकासखंड के मांदागिरी पहुंचकर पहाड़ का भ्रमण किया और पूजा-अर्चना की। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों से चर्चा कर उनकी समस्याएं सुनीं और पर्यटन विकास, सड़क-पुल निर्माण तथा स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने पर बात की।

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55 किमी सड़क का प्रस्ताव
जय गौतम ऋषि सेवा समिति, मांदागिरी ने गौतम ऋषि पहाड़ (Gautam Rishi Pahad Tourism) को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए जिला प्रशासन को प्रस्ताव सौंपा है। इसमें पहाड़ तक करीब 12 किलोमीटर लंबा इको-ट्रैकिंग मार्ग विकसित करने और पर्यटकों के लिए जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की गई है। इसके अलावा नगरी-करका-मांदागिरी से मेचका तक लगभग 55 किलोमीटर लंबी बारहमासी सड़क बनाने का प्रस्ताव है। समिति ने सोंढुर और आमकड़ा नदियों पर उच्चस्तरीय पुल-पुलियों के निर्माण का सुझाव भी दिया है।
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पुल नहीं होने से परेशानी
ग्रामीणों ने बताया कि बारिश के मौसम में सड़क और पुल की कमी के कारण जिला मुख्यालय से संपर्क प्रभावित होता है। इससे स्कूली बच्चों, मरीजों, ग्रामीणों और श्रद्धालुओं को आवागमन में परेशानी होती है। समिति के अनुसार, सड़क और पुल-पुलियों का निर्माण होने से 15 से अधिक गांवों के लोगों को लाभ मिल सकता है। वहीं, गौतम ऋषि पहाड़ (Gautam Rishi Pahad Tourism) में पर्यटन गतिविधियां बढ़ने से स्थानीय आदिवासी युवाओं के लिए गाइड, होम-स्टे और अन्य सेवाओं से जुड़े रोजगार के अवसर विकसित हो सकते हैं।
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महिलाओं से जानी समस्याएं
पहाड़ की ओर जाते समय कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने ग्रामीण महिलाओं से बातचीत कर महतारी वंदन योजना की राशि, आंगनबाड़ी सेवाओं और सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत राशन मिलने की जानकारी ली। महिलाओं ने सोंढुर नदी पर पुल बनाने की मांग रखी, ताकि नदी पार करने और आसपास के गांवों तक पहुंचने में सुविधा हो सके। कलेक्टर ने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और क्षेत्र की जरूरतों के अनुरूप सुविधाएं विकसित करने पर चर्चा की।
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सड़क उन्नयन के काम जारी
कलेक्टर ने बताया कि क्षेत्र में आवागमन बेहतर बनाने के लिए सड़क उन्नयन के कार्य कराए जा रहे हैं। इनमें मेचका क्षेत्र में नहर नाली से खुडुमुड़ा तालाब तक तथा रिसगांव क्षेत्र में सोंढुर नदी से गादुलबाहरा-3 सीमा तक मिट्टी-मुरुम सड़क का उन्नयन शामिल है। उन्होंने गौतम ऋषि पहाड़ (Gautam Rishi Pahad Tourism) को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने की दिशा में आवश्यक पहल करने का भरोसा दिलाया। हालांकि, समिति के प्रस्ताव में शामिल सड़क, पुल और पर्यटन सुविधाओं के निर्माण को लेकर अंतिम स्वीकृति की जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है।
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माहुल पत्ता और रेशम
भ्रमण के दौरान कलेक्टर और अधिकारियों ने माहुल पत्ता संग्रहण तथा रेशम कीट पालन से जुड़ी गतिविधियों का भी निरीक्षण किया। दुर्गम वनांचल में इन गतिविधियों के जरिए ग्रामीणों की आजीविका बढ़ाने की संभावनाओं पर चर्चा की गई। इस दौरान ग्रामीण मौसमी मानचित्र कुटिया का शुभारंभ भी किया गया। प्रशासन की पहल का उद्देश्य प्राकृतिक और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखते हुए बुनियादी सुविधाओं, पर्यटन और स्थानीय आजीविका के अवसरों को बढ़ावा देना है।
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