सीजी भास्कर, 6 नवंबर। जम्मू-कश्मीर की राजनीति में नेशनल कॉन्फ्रेंस के भीतर नाराजगी और बगावत की चर्चाओं के बीच पार्टी अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने एकजुटता का दावा (National Conference) किया है। श्रीनगर में नाराज विधायकों के साथ बैठक के बाद उन्होंने कहा कि पार्टी पूरी तरह संगठित है और टूट की खबरें बेबुनियाद हैं।
विधायकों की शिकायतों पर हुई चर्चा National Conference
फारूक अब्दुल्ला ने माना कि कुछ विधायकों को पार्टी और सरकार के कामकाज को लेकर शिकायतें थीं। बैठक में उनकी बातों को सुना गया और समस्याओं के समाधान का भरोसा दिया गया। उन्होंने कहा कि कुछ मुद्दों पर तुरंत काम शुरू होगा, जबकि बाकी समस्याओं को चरणबद्ध तरीके से सुलझाया जाएगा।
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न अलग गुट बना, न नई पार्टी
नाराज विधायक नजीर अहमद गुरेजी ने भी बगावत की खबरों को खारिज (National Conference) किया। उन्होंने कहा कि विधायकों ने अपनी समस्याएं नेतृत्व के सामने रखी हैं, लेकिन इसे पार्टी में फूट कहना गलत है। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और फारूक अब्दुल्ला के सामने संगठन और राजनीतिक मुद्दे उठाए गए थे।
24 घंटे में असर दिखने का दावा
विधायक डॉ. बशीर वीरी ने बताया कि नेतृत्व ने सभी की शिकायतें सुनी हैं और कार्रवाई का भरोसा दिया है। उनके मुताबिक, कुछ मुद्दों पर अगले 24 घंटे में असर दिखाई देने लगेगा।
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370 और 35A की बहाली की मांग दोहराई
फारूक अब्दुल्ला ने पार्टी के राजनीतिक एजेंडे को दोहराते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाना और अनुच्छेद 370 व 35A की बहाली उनकी प्रमुख मांगों में शामिल (National Conference) है। उन्होंने कहा कि इन मुद्दों पर पार्टी का संघर्ष जारी रहेगा।
बैठक के बाद नेतृत्व ने अंदरूनी नाराजगी को बातचीत से दूर करने का संदेश दिया है। अब विधायकों की शिकायतों पर होने वाली कार्रवाई पर सबकी नजर रहेगी।



