सीजी भास्कर, 22 अगस्त। रायपुर की अदालत ने डकैती की साजिश और रंगदारी से जुड़े मामले में गैंगस्टर अमन साहू समेत सात आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया है। यह फैसला अमन साहू की एनकाउंटर में मौत के करीब डेढ़ साल बाद आया है। मामले की सुनवाई कर रही थर्ड एडीजे कोर्ट ने 18 अगस्त 2026 को फैसला सुनाया। कोर्ट रिकॉर्ड में मामले का स्टेटस ‘कॉन्टेस्टेड-एक्विटेड’ दर्ज है। (Aman Sahu Gangster)
अमन साहू के अलावा रोहित स्वर्णकार, मुकेश कुमार, देवेंद्र सिंह, राजबेर सिंह, पप्पू सिंह उर्फ पप्सा और सुनील कुमार उर्फ सुनील कुमार मीणा उर्फ मयंक सिंह को भी दोषमुक्त किया गया है।
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क्या था पूरा मामला : Aman Sahu Gangster
यह मामला गंज थाना क्षेत्र में डकैती की साजिश और रंगदारी से जुड़ा था। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 399, 402, 386 और 120-बी के तहत केस दर्ज किया था। पुलिस के मुताबिक, मई 2024 में अमन साहू गैंग से जुड़े चार लोगों को रायपुर में गिरफ्तार किया गया था।
पुलिस का दावा था कि आरोपी रायपुर में बड़ी वारदात को अंजाम देने की तैयारी में थे। जांच में इस साजिश के तार मयंक सिंह से जुड़े होने की बात कही गई थी। उस समय पुलिस ने मयंक सिंह पर विदेश से गैंग संचालित करने का आरोप लगाया था।
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पुलिस के सबूत कोर्ट में नहीं टिके
बचाव पक्ष के वकील के अनुसार, अभियोजन पक्ष डकैती की कथित साजिश और हथियारों से जुड़े आरोपों को ठोस सबूतों के साथ साबित नहीं कर सका। पुलिस जिस व्यक्ति को मयंक सिंह के रूप में मामले से जोड़ रही थी, उसकी पहचान को लेकर भी सवाल उठे।
अभियोजन पक्ष कथित साजिश और हथियारों से जुड़े साक्ष्यों को उस स्तर तक प्रमाणित नहीं कर पाया, जिससे आरोप साबित हो सकें। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने सभी सात आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया।
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चार आरोपियों की गिरफ्तारी से शुरू हुई थी जांच : Aman Sahu Gangster
मामले की शुरुआती जांच के दौरान पुलिस ने रोहित स्वर्णकार, मुकेश कुमार, देवेंद्र सिंह और पप्पू सिंह उर्फ पप्सा को गिरफ्तार किया था। पुलिस का दावा था कि रोहित स्वर्णकार के पास से पिस्टल और मैगजीन बरामद हुई थी।
इसके बाद मध्यप्रदेश से राजबेर सिंह चावला को भी गिरफ्तार किया गया था। उस पर पिस्टल उपलब्ध कराने से जुड़े मामले में कार्रवाई की गई थी। केस में आर्म्स एक्ट की धाराएं भी जोड़ी गई थीं।
हालांकि ट्रायल के दौरान अभियोजन पक्ष पुलिस की पूरी कहानी अदालत में साबित नहीं कर सका। इसके बाद मामले में सभी आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया गया।
रायपुर से झारखंड ले जाते समय हुई थी अमन की मौत
अमन साहू पहले रायपुर के अन्य मामलों में भी पुलिस की गिरफ्त में रहा था। मार्च 2025 में झारखंड पुलिस उसे रायपुर से पूछताछ के लिए ले जा रही थी। इसी दौरान पलामू में पुलिस के साथ मुठभेड़ में उसकी मौत हो गई थी।
पुलिस के मुताबिक, अमन ने भागने की कोशिश की थी और इसी दौरान हुई मुठभेड़ में उसकी मौत हुई। अब उसकी मौत के करीब डेढ़ साल बाद रायपुर के इस मामले में अदालत ने उसे समेत अन्य आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया है।
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फैसला 18 अगस्त को आया, आदेश की विस्तृत कॉपी का इंतजार : Aman Sahu Gangster
केस रिकॉर्ड के अनुसार मामले की पहली सुनवाई 9 सितंबर 2024 को हुई थी। बाद में मामला रायपुर की 77वीं जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश की अदालत में पहुंचा। सुनवाई पूरी होने के बाद 18 अगस्त 2026 को फैसला सुनाया गया।
फिलहाल अदालत की वेबसाइट पर फैसले की विस्तृत आदेश कॉपी उपलब्ध नहीं है। इसलिए आरोपियों को किन साक्ष्यों और कानूनी आधारों पर दोषमुक्त किया गया, इसकी पूरी जानकारी आदेश की कॉपी उपलब्ध होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
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