सीजी भास्कर, 18 अगस्त। Baba Ramdev Raipur पहुंचे योग गुरु बाबा रामदेव ने देश में चल रहे आंदोलनों, युवाओं के भविष्य और लोकतांत्रिक व्यवस्था को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि देश में हिंदू, मुस्लिम, सिख या ईसाई खतरे में नहीं हैं। अगर कोई खतरे में है तो वह देश का बचपन, युवाओं की जवानी, वर्तमान और भविष्य है।
रामदेव ने बच्चों को आंदोलनों में शामिल किए जाने पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि प्राथमिक स्कूल में पढ़ने वाले बच्चे को अगर आंदोलन में भेज दिया जाएगा तो वह पढ़ाई कब करेगा। उनके मुताबिक अन्याय के खिलाफ आवाज उठाना जरूरी है, लेकिन लोकतंत्र में आंदोलन शांतिपूर्ण और संवैधानिक तरीके से होना चाहिए।
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आंदोलन जरूरी, लेकिन बच्चों को दूर रखें Baba Ramdev Raipur
बाबा रामदेव ने कहा कि जब लोगों को कहीं अन्याय या अव्यवस्था दिखाई देती है तो स्वाभाविक रूप से आक्रोश पैदा होता है। यही आक्रोश कई बार आंदोलन का रूप ले लेता है।
उन्होंने कहा कि संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन करना जरूरी है। हालांकि आंदोलन के नाम पर अराजकता को किसी भी स्थिति में सही नहीं ठहराया जा सकता।
रामदेव ने कहा कि बच्चों को किसी आंदोलन का हिस्सा बनाने से पहले उनके भविष्य के बारे में सोचना चाहिए। बचपन में उनकी प्राथमिकता शिक्षा होनी चाहिए, ताकि आगे चलकर वे देश के विकास में अपनी भूमिका निभा सकें।
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शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार की जरूरत
रामदेव ने शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में मौजूद चुनौतियों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इन दोनों क्षेत्रों में सुधार के लिए सरकार, समाज और प्रशासन को मिलकर काम करना होगा।
उन्होंने कहा कि किसी एक व्यक्ति या किसी एक राजनीतिक दल के नेता के प्रयास से पूरी व्यवस्था नहीं बदली जा सकती। इसके लिए सामूहिक जिम्मेदारी और लगातार प्रयास जरूरी हैं।
उन्होंने युवाओं, रोजगार, पर्यावरण और देश के भविष्य से जुड़े मुद्दों को भी महत्वपूर्ण बताया। उनके मुताबिक इन समस्याओं के समाधान के लिए सभी जिम्मेदार लोगों को साथ आकर काम करना होगा।
‘दिमागी नक्सली’ बयान पर क्या बोले रामदेव
महबूबा मुफ्ती के ‘दिमागी नक्सली’ वाले बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए रामदेव ने कहा कि लोकतंत्र में हर व्यक्ति को अपनी बात रखने की आजादी है।
हालांकि उन्होंने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का इस्तेमाल देश में अराजकता या बर्बादी फैलाने के लिए नहीं किया जाना चाहिए। लोकतांत्रिक व्यवस्था में असहमति जताने के लिए संवैधानिक रास्ते अपनाए जाने चाहिए।
धर्म नहीं, देश की आर्थिक मजबूती पर जोर
देश में धर्म को लेकर चल रही राजनीतिक बयानबाजी पर रामदेव ने कहा कि भारत में किसी धर्म को खतरा नहीं है। उन्होंने धार्मिक विवादों के बजाय देश की आर्थिक मजबूती पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत बताई।
उन्होंने कहा कि भारत को आर्थिक रूप से इतना मजबूत बनना चाहिए कि देश का रुपया डॉलर के बराबर खड़ा हो सके और भारत को दुनिया की बड़ी शक्तियों के बराबर सम्मान मिले।
पाकिस्तान और बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार से जुड़े सवाल पर रामदेव ने ऐसी घटनाओं की आलोचना की। उन्होंने कहा कि किसी भी समुदाय के साथ अत्याचार नहीं होना चाहिए।
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रायपुर में युवाओं को योग और फिटनेस का संदेश
रायपुर प्रवास के दौरान बाबा रामदेव एक अस्पताल भी पहुंचे। यहां उन्होंने डॉक्टरों, अधिकारियों और कर्मचारियों से मुलाकात की और अस्पताल की व्यवस्थाओं की जानकारी ली।
इस दौरान उन्होंने युवाओं को योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि योग से बच्चों में संयम बढ़ाने और तनाव व निराशा को कम करने में मदद मिल सकती है।
रामदेव ने युवाओं से योग के साथ दौड़ और दूसरी शारीरिक गतिविधियों पर भी ध्यान देने की अपील की। उन्होंने कहा कि युवाओं को शरीर से मजबूत, सोच से समझदार और व्यवहार से अच्छा इंसान बनने का प्रयास करना चाहिए।
अस्पताल की व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए रामदेव ने रायपुर से अपने करीब 25 साल पुराने जुड़ाव का भी जिक्र किया।
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