सीजी भास्कर, 1 अक्टूबर : भिलाई इस्पात संयंत्र में करीब 250 टन स्क्रैप चोरी के मामले (BSP Scrap Scam Case) में आरोपी बनाए गए हेवी ट्रांसपोर्ट कंपनी (HTC) के सुपरवाइजर अखिलेश तिवारी को भिलाई-3 न्यायालय से अग्रिम जमानत मिल गई है। न्यायालय ने जांच में सहयोग सहित विभिन्न शर्तों के साथ जमानत मंजूर की है। इस प्रकरण में अब तक 21 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
शर्तों के साथ मिली जमानत
बीएसपी स्क्रैप चोरी प्रकरण (BSP Scrap Scam Case) में भिलाई-3 थाना पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस द्वारा पूछताछ के लिए बुलाए जाने के बाद अखिलेश तिवारी ने न्यायालय में अग्रिम जमानत के लिए आवेदन प्रस्तुत किया था।
न्यायालय ने आरोपी को विवेचना में सहयोग करने और किसी भी गवाह को डराने, धमकाने अथवा प्रभावित करने का प्रयास नहीं करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही न्यायालय की अनुमति के बिना देश से बाहर नहीं जाने और आवश्यकता पड़ने पर सुनवाई में उपस्थित रहने की शर्त भी रखी गई है। शर्तों का उल्लंघन होने पर जमानत निरस्त की जा सकती है।
वाहनों से जुड़ा कनेक्शन
पुलिस की जांच में स्क्रैप चोरी (BSP Scrap Theft Case) के लिए वाहनों के इस्तेमाल और उनकी नंबर प्लेट में बदलाव किए जाने की बात सामने आई है। आरोप है कि रात के समय स्क्रैप लोड किया जाता था और सुबह वाहनों की नंबर प्लेट बदल दी जाती थी।
जांच में स्क्रैप की रेकी से लेकर उसे प्लांट से बाहर निकालने तक अलग-अलग लोगों की भूमिका सामने आने की बात कही जा रही है। पुलिस वाहनों की एंट्री, आवाजाही और स्क्रैप बाहर ले जाने की प्रक्रिया से जुड़े तथ्यों की पड़ताल कर रही है।
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ट्रांसपोर्ट वाहनों की जांच
पुलिस के अनुसार, बीटीटीए के माध्यम से बीएसपी में परिवहन करने वाले वाहनों की जानकारी भी जांच के दायरे में है। आरोप है कि संबंधित वाहनों की निगरानी और आवाजाही में सुपरविजन की भूमिका निभाई जाती थी।
पुलिस मामले (BSP Scrap Scam Case) में वाहनों की एंट्री, नंबर प्लेट बदलने और स्क्रैप को बाहर ले जाने से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर अन्य संदिग्धों की भूमिका भी खंगाली जा रही है।
500 से 5 हजार कमीशन
जांच में पुलिस को यह जानकारी भी मिली है कि बीएसपी में परिवहन के लिए आने वाले कुछ वाहनों को स्क्रैप चोरी में इस्तेमाल किए जाने के बदले 500 से 5 हजार रुपये तक कमीशन दिए जाने का आरोप है।
पुलिस इन आरोपों से जुड़े साक्ष्यों और संबंधित लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। BSP Scrap Investigation में अब तक सामने आए तथ्यों को भी जांच का हिस्सा बनाया गया है।
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सीबीआई जांच पर नजर
बीएसपी स्क्रैप प्रकरण (BSP Scrap Scam Case) में सीबीआई जांच को लेकर भी हलचल है। मामले से जुड़े दस्तावेज और साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया जारी है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर जांच का दायरा भी बढ़ाया जा रहा है।
केंद्रीय जांच की स्थिति में पुलिस द्वारा जुटाए गए दस्तावेज, तकनीकी साक्ष्य, वाहनों से जुड़े रिकॉर्ड और आरोपियों से हुई पूछताछ महत्वपूर्ण आधार बन सकते हैं। फिलहाल मामले की जांच जारी है।
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