सीजी भास्कर, 19 जुलाई। पश्चिम बंगाल और उत्तरी झारखंड के ऊपर बने लो-प्रेशर सिस्टम का असर छत्तीसगढ़ में साफ दिखाई दे रहा है। इसी वजह से प्रदेश के उत्तर और मध्य हिस्सों में पिछले 24 घंटों के दौरान हल्की से मध्यम बारिश के साथ कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों के लिए मध्य और उत्तर छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में भारी बारिश और आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है। (Chhattisgarh Heavy Rain Alert)
लगातार बारिश के बीच सरगुजा जिले में आकाशीय बिजली गिरने से चार बच्चे झुलस गए, जिनमें दो बच्चों की मौत हो गई। दो अन्य बच्चों का अस्पताल में उपचार जारी है और उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। वहीं जांजगीर-चांपा जिले के अकलतरा स्थित कर्रा नाला जलाशय का एक हिस्सा तेज बारिश के कारण बह गया, जिसके बाद प्रशासन ने 125 लोगों को सुरक्षित राहत शिविरों में पहुंचाया।

कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति : Chhattisgarh Heavy Rain Alert
बिलासपुर में लगातार हो रही बारिश से नेशनल हाईवे-49 पर कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति बन गई। कुछ जगहों पर सड़क के ऊपर चार से पांच फीट तक पानी बहता नजर आया। कोटमीसोनार क्षेत्र में लीलागर नदी के पुल के ऊपर पानी आने के कारण मार्ग को एहतियातन बंद कर दिया गया है। निचले इलाकों और कॉलोनियों में भी पानी भरने से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार पश्चिम बंगाल और झारखंड के ऊपर बना साइक्लोनिक सर्कुलेशन लगातार नमी को छत्तीसगढ़ की ओर खींच रहा है। इसके साथ ही मानसून ट्रफ और पूर्वी उत्तर प्रदेश तथा दक्षिण ओडिशा के ऊपर सक्रिय मौसम प्रणालियां भी बारिश को बढ़ावा दे रही हैं। इन सभी सिस्टमों के प्रभाव से प्रदेश में अगले कुछ दिनों तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।
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प्रदेश में अब तक 1 जून से 18 जुलाई के बीच औसतन 307.2 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य से करीब 25 प्रतिशत कम है। हालांकि बिलासपुर संभाग में सबसे अधिक वर्षा हुई है। सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में 525.4 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि जांजगीर-चांपा और बिलासपुर भी शीर्ष जिलों में शामिल हैं।
आकाशीय बिजली से सतर्क रहने की अपील
मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम (Chhattisgarh Heavy Rain Alert) के दौरान सतर्क रहने, खुले स्थानों पर न जाने और आकाशीय बिजली के समय सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है। खरीफ फसलों की बुवाई के लिए यह बारिश लाभकारी मानी जा रही है, लेकिन कई जिलों में अभी भी सामान्य से कम वर्षा दर्ज होने के कारण आगामी बारिश महत्वपूर्ण होगी।
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