सीजी भास्कर, 19 अगस्त : मुआवजे की रकम (Compensation Fraud) मिलने के बाद एक ग्रामीण को बैंकिंग प्रक्रिया की जानकारी नहीं होने का खामियाजा भारी रकम गंवाकर भुगतना पड़ा। आरोप है कि भरोसे का फायदा उठाकर उससे चेक पर हस्ताक्षर करा लिए गए और बाद में 49.50 लाख रुपए दूसरे लोगों के खातों में ट्रांसफर कर दिए गए। रकम का पता चलने के बाद ग्रामीण ने पुलिस से शिकायत की।
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रायगढ़ में मुआवजा राशि से जुड़ा मामला
रायगढ़ जिले के घरघोड़ा थाना क्षेत्र में सामने आए इस मामले में ग्राम तिलाईपाली बिच्छीनारा निवासी अमीर कुमार राठिया की जमीन और मकान एनटीपीसी तलाईपाली कोयला खनन परियोजना के लिए अधिग्रहित किए गए थे। इसके बदले उन्हें मुआवजा राशि (Compensation Fraud) मिली थी।
अमीर पांचवीं कक्षा तक पढ़े हैं और उन्हें बैंकिंग व कागजी प्रक्रिया की ज्यादा जानकारी नहीं थी। इसी का फायदा उठाने का आरोप गांव के खगेश्वर गुप्ता और प्रदीप गुप्ता पर लगा है।
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मुआवजे की प्रक्रिया में मदद का दिया भरोसा
शिकायत के मुताबिक, करीब दो-तीन महीने पहले खगेश्वर गुप्ता अमीर के पास पहुंचा और मुआवजे से जुड़ी प्रक्रिया पूरी कराने की बात कही। भरोसा करने के बाद अमीर ने पंजाब नेशनल बैंक की रायकेरा शाखा की अपनी पासबुक उसे दे दी।
8 जून को खगेश्वर कार से अमीर के घर पहुंचा और बताया कि मुआवजे की रकम (Compensation Fraud) खाते में जमा हो गई है। उसने अमीर के बेटे और बेटी के खातों में रकम जमा कराने की बात कही। इसके बाद अमीर अपने बेटे, बेटी और रिश्तेदारों के साथ बैंक पहुंचा। वहां खगेश्वर के साथ प्रदीप गुप्ता भी मौजूद था।
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चेक पर साइन कराकर 49.50 लाख किए ट्रांसफर
आरोप है कि खगेश्वर और प्रदीप ने बैंक अधिकारियों से बातचीत कर अमीर के नाम पर चेकबुक जारी कराई। दोनों ने बताया कि बेटे और बेटी के खातों में पांच-पांच लाख रुपए जमा किए जाएंगे और बाकी रकम संयुक्त खाते में रखी जाएगी।
इसी दौरान अमीर से चेक पर हस्ताक्षर करा लिए गए। शिकायत के अनुसार, बाद में 25 लाख रुपए प्रदीप गुप्ता के पिता मोतीलाल गुप्ता के खाते में और 24.50 लाख रुपए खगेश्वर गुप्ता के भाई जगदीश गुप्ता के खाते में ट्रांसफर कर दिए गए। इसके अलावा दो लाख रुपए नकद निकाले जाने का भी आरोप है।
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पासबुक प्रिंट कराने पर सामने आया मामला
10 जून को अमीर ने बैंक जाकर पासबुक प्रिंट कराई। इसके बाद उन्हें खाते से बड़ी रकम ट्रांसफर होने की जानकारी मिली। बैंक रिकॉर्ड के अनुसार, 3 जून को एनटीपीसी की ओर से अमीर के खाते में 69 लाख 64 हजार 618 रुपए मुआवजा राशि जमा हुई थी।
अमीर का आरोप है कि उन्होंने 49.50 लाख रुपए दूसरे खातों में ट्रांसफर करने की कोई सहमति नहीं दी थी। रकम वापस मांगने पर भी आरोपियों की ओर से टालमटोल की गई।
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पुलिस ने दर्ज किया मामला
इसके बाद अमीर ने घरघोड़ा थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर खगेश्वर गुप्ता और प्रदीप गुप्ता के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। Compensation Fraud (मुआवजा ठगी) मामले में पुलिस बैंक खातों में हुए लेन-देन, चेक, बैंक रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजों की जांच कर रही है। जांच के दौरान यह भी पता लगाया जा रहा है कि मुआवजा राशि को दूसरे खातों में किस प्रक्रिया से ट्रांसफर किया गया और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे।
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